भारत, उत्तर मैसेडोनिया द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने और फिल्म निर्माण में सहयोग बढ़ाने पर सहमत

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भारत, उत्तर मैसेडोनिया द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने और फिल्म निर्माण में सहयोग बढ़ाने पर सहमत

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 08:57 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

(अश्विनी श्रीवास्तव)

स्कोप्जे, 21 जुलाई (भाषा) भारत और उत्तर मैसेडोनिया ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर मंगलवार को सहमति जताई। दोनों देशों ने पर्यटन, आतिथ्य और फिल्म निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।

उत्तर मैसेडोनिया की दो-दिवसीय यात्रा पर पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वहां की राष्ट्रपति गोर्डाना सियानोव्स्का-दावकोवा के साथ बातचीत के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की उत्तर मैसेडोनिया की पहली यात्रा है।

मुर्मू और गोर्डाना की बैठक के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच भी सार्थक बातचीत हुई।

मुर्मू ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसेडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का एक बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ है और दोनों देशों ने व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने तथा उद्योगों के बीच करीबी सहयोग को प्रोत्साहित करने पर सहमति जताई है।

राष्ट्रपति ने कहा, “हमने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर भी सहमति जताई। हमने आईटी/आईटीई, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल, कपड़ा, बायोटेक, पर्यटन, आतिथ्य और फिल्म निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।”

मुर्मू ने कहा कि संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंध हमेशा से दोनों देशों के रिश्तों के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक रहे हैं तथा रचनात्मक उद्योग के क्षेत्र में सहयोग सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक अहम पहलू है।

राष्ट्रपति ने कहा, “हमने आपसी सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की। हमने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। हमने भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच गहरे और दोस्ताना संबंधों की पुष्टि की, जो साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित हैं।”

उन्होंने बताया कि दोनों देश स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, खासकर पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करने पर सहमत हुए।

मुर्मू ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए), आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसी पहलों के जरिये अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है और वह इन पहलों से जुड़ने की उत्तर मैसेडोनिया की इच्छा का स्वागत करता है।

उन्होंने उत्तर मैसेडोनिया के लिए भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सीटों की संख्या दोगुनी करने के नयी दिल्ली के फैसले की भी घोषणा की, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे।

मुर्मू ने भरोसा जताया कि उनकी यह यात्रा भारत और उत्तरी मैसेडोनिया के बीच बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करेगी तथा आने वाले वर्षों में इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएगी।

इससे पहले दिन में गोर्डाना ने स्कोप्जे में मुर्मू का औपचारिक स्वागत किया।

मुर्मू मोल्दोवा की अपनी राजकीय यात्रा के बाद सोमवार रात दो दिवसीय स्कोप्जे पहुंचीं।

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश