इस्लामाबाद, 21 जुलाई (एपी) अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम को लेकर हुए अंतरिम समझौते के विफल होने के बाद तेहरान के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को पाकिस्तान में मध्यस्थों के साथ बातचीत शुरू की। वहीं, दोनों देशों के बीच नए सिरे से शुरू हुई लड़ाई के लगातार 10वें दिन भी हमले जारी रहे।
ईरान के गृह मंत्री इस्कंदर मोमेनी का पाकिस्तान का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पिछले कुछ दिनों से अंतरिम समझौते को फिर से पटरी पर लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हुए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि युद्ध खत्म करने के लिए कोई नया समझौता हो सकेगा या नहीं।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मंगलवार सुबह एक टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद चालक दल ने जहाज को छोड़ दिया। वहीं, इस अहम जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने ईरान को निशाना बनाते हुए एक और हवाई हमला किया।
अमेरिका के लगातार हवाई हमलों के बावजूद जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण कमजोर नहीं हुआ है। युद्ध से पहले, वैश्विक स्तर पर कारोबार होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता था।
ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी हमले जारी रखे। मंगलवार दोपहर बहरीन और कुवैत में मिसाइल और अन्य हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन सुनाई दिये।
हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। मंगलवार को ‘बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड’ की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही और अमेरिका में नियमित गैसोलीन की कीमत औसतन चार डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई, जिससे इस बार के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर दबाव बढ़ गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी एक नयी चेतावनी में कहा, ‘‘ईरान और ईरान का समर्थन करने वाले समूह विदेश में अमेरिका के अन्य हितों या दुनिया भर में अमेरिका और अमेरिकियों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं।’’
दो अधिकारियों ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि ईरान के गृह मंत्री मोमेनी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की। बाद में मोमेनी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की।
अधिकारियों ने बैठक के बारे में फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब ईरान ने अमेरिका के सहयोगी अरब देशों पर अपने हमले जारी रखे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए ‘‘गंभीर और सार्थक’’ पहल होनी चाहिए। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि तेहरान ऐसा कोई प्रस्ताव देगा या नहीं, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘‘वास्तविक’’ या ‘‘सार्थक’’ मानें।
अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा है कि उसने ‘‘ईरान के सैन्य कमान केंद्रों, समुद्री क्षमता, मिसाइल और ड्रोन प्रक्षेपण स्थल और वायु रक्षा प्रणाली’’ को निशाना बनाया। उसने ईरान में इन स्थलों को निशाना बनाकर की गई बमबारी के और फुटेज जारी किए।
ईरान की सरकारी मीडिया ने खबर दी कि फार्स, होर्मोजगन, इलम, केरमन और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
ब्रिटिश सेना की ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ केंद्र ने कहा कि मंगलवार सुबह ओमान जलडमरूमध्य में एक टैंकर को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद चालक दल के सदस्य जहाज छोड़कर चले गए।
ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि इस हमले के अलावा सोमवार को जहाजों को निशाना बनाकर दो अन्य हमले किए गए।
ईरान के मिसाइल हमले के बाद बहरीन में मिसाइल हमले की चेतावनी वाले सायरन सुनाई दिये। जॉर्डन की सेना ने कहा कि ईरान ने उस पर पांच ड्रोन और तीन मिसाइल से हमला किया, जिन्हें नाकाम कर दिया गया।
कुवैत ने कहा कि ईरान ने फिर से उसके बिजली घरों और जल विलवणीकरण संयंत्रों पर हमला किया है। कुवैत के बिजली, जल और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के बयान के अनुसार, तेहरान ने लगातार चौथे दिन और सोमवार रात इन संयंत्रों को निशाना बनाया। कुवैत में पेयजल की करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति विलवणीकरण संयंत्रों से होती है।
एपी आशीष धीरज
धीरज