अमेरिका: स्पाइनल इम्प्लांट कंपनी के भारतीय मूल के सीएफओ को रिश्वत मामले में चार महीने की जेल

अमेरिका: स्पाइनल इम्प्लांट कंपनी के भारतीय मूल के सीएफओ को रिश्वत मामले में चार महीने की जेल

अमेरिका: स्पाइनल इम्प्लांट कंपनी के भारतीय मूल के सीएफओ को रिश्वत मामले में चार महीने की जेल
Modified Date: August 11, 2026 / 10:34 am IST
Published Date: August 11, 2026 10:34 am IST

वाशिंगटन, 11 अगस्त (भाषा) अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ‘स्पाइनल इम्प्लांट’ नामक कंपनी के भारतीय मूल के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को फर्जी परामर्श शुल्क के नाम पर सर्जन को रिश्वत देने और बदले में कंपनी के उत्पादों का इस्तेमाल कराने के मामले में चार महीने कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

कैम्ब्रिज निवासी आदित्य हुमाद (41) को जेल की सजा पूरी करने के बाद एक साल तक निगरानी में रहना होगा। हुमाद को 9,500 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भी भरना होगा।

हुमाद ने स्वास्थ्य सेवाओं में रिश्वतखोरी पर रोक संबंधी कानून के उल्लंघन की साजिश रचने के एक मामले में पहले ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।

सितंबर 2021 में हुमाद को ‘स्पाइनफ्रंटियर’ के संस्थापक, अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) किंग्सले आर. चिन के साथ इस मामले में आरोपी बनाया गया था।

मैसाचुसेट्स डिस्ट्रिक के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि हुमाद ने सर्जन को फर्जी परामर्श शुल्क के नाम पर 5.4 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की रिश्वत देने और उसका भुगतान कराने की साजिश रची।

अटॉर्नी कार्यालय के मुताबिक हुमाद ने बदले में सर्जन को सर्जरी के दौरान ‘स्पाइनफ्रंटियर’ के उत्पादों का इस्तेमाल करने के लिए मनाया जिससे कंपनी लाखों डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ।

भाषा खारी धीरज

धीरज


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