अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों को मानक भारतीय नाम देने का भारत का कदम अवैध और अमान्य: चीन
अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों को मानक भारतीय नाम देने का भारत का कदम अवैध और अमान्य: चीन
बीजिंग, 10 अगस्त (भाषा) चीन ने सोमवार को भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक भारतीय मानचित्र पर उनके मानक भारतीय नामों के साथ दर्ज किए जाने के फैसले को ‘‘अवैध और अमान्य’’ करार दिया।
भारत की हालिया घोषणा पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, ‘‘चीन, भारत द्वारा अवैध रूप से स्थापित तथाकथित ‘अरुणाचल प्रदेश’ को मान्यता नहीं देता।’’
उन्होंने विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अपने जवाब में कहा, ‘‘भारत द्वारा चीन में लंबे समय से प्रचलित नामों को अपने तथाकथित ‘मानक नामों’ से बदलने का प्रयास अवैध और अमान्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह तथ्य बिल्कुल नहीं बदलता कि जांगनान क्षेत्र चीन का हिस्सा है।’’
चीन तिब्बत को ‘शीजांग’ और अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ कहता है।
चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नाम बार-बार बदले जाने के जवाब में भारत ने पिछले सप्ताह औपचारिक रूप से राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक भारतीय मानचित्र पर उनके मानक भारतीय नामों के साथ दर्ज किया था।
चीन के नागरिक मामलों का मंत्रालय 2017 से समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के लिए चीनी नाम जारी करता रहा है, ताकि उस क्षेत्र पर चीन के दावे को मजबूत किया जा सके। इस वर्ष अप्रैल में भी नामों की एक नयी सूची जारी की गई थी।
अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की चीन की हरकत को भारत ने हमेशा स्पष्ट रूप से खारिज किया है। भारत ने लगातार ऐसे कदमों को ‘‘निरर्थक और बेतुका’’ बताया है और कहा है कि इस तरह के प्रयास इस ‘‘अटल’’ सच्चाई को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश ‘‘हमेशा भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, है और रहेगा।’’
भाषा गोला अमित
अमित

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