अमेरिका में करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी करने के मामले में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार

अमेरिका में करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी करने के मामले में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार

अमेरिका में करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी करने के मामले में भारतीय मूल का युवक गिरफ्तार
Modified Date: August 22, 2026 / 08:50 am IST
Published Date: August 22, 2026 8:50 am IST

न्यूयॉर्क, 22 अगस्त (भाषा) अमेरिका में बुजुर्गों को निशाना बनाकर किए गए करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी के मामले में एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।

गुजरात निवासी जय सुनीलभारती गोस्वामी (21) न्यूजर्सी के जर्सी सिटी में रह रहा था और उसे कनाडा में उस समय हिरासत में लिया गया जब वह कतर भागने की कोशिश कर रहा था।

अमेरिकी अटॉर्नी माइकल डिगियाकोमो ने शुक्रवार को बताया कि अधिकारियों ने गोस्वामी के खिलाफ संचार के माध्यमों से धोखाधड़ी करने, धोखाधड़ी की साजिश रचने, धनशोधन करने और धनशोधन की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में अधिकतम 20 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

गोस्वामी को 17 अगस्त को अमेरिकी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश मार्क पीटरसन के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे कुछ शर्तों के साथ रिहा कर दिया गया था। इसके अगले ही दिन वह कनाडा चला गया। जांच एजेंसियों को पता चला कि उसने 18 अगस्त की शाम टोरंटो से कतर के दोहा के लिए उड़ान का टिकट खरीदा था।

अमेरिका के अनुरोध पर कनाडाई अधिकारियों ने टोरंटो पीयरसन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गोस्वामी को हिरासत में लिया और 20 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया।

शिकायत के अनुसार आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) की आपराधिक जांच शाखा को जनवरी 2026 में पश्चिमी न्यूयॉर्क जिले और अमेरिका के अन्य हिस्सों में बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले एक गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। यह गिरोह अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इंटरनेट और फोन का इस्तेमाल करता था।

आरोपियों ने बुजुर्गों से कथित तौर पर कहा कि उनके बैंक खाते, धन या निजी जानकारी खतरे में हैं। इसके बाद उन्होंने खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी या अन्य अधिकारी बताकर पीड़ितों को अपनी संपत्ति को नकद, सोने या गिफ्ट कार्ड में बदलने के लिए राजी किया।

न्याय विभाग ने कहा कि नकदी या सोने से जुड़े मामलों में साजिशकर्ताओं ने कथित तौर पर ‘मनी म्यूल’ (धन या कीमती सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने वाले लोगों) का इस्तेमाल किया। ये लोग पीड़ितों से नकदी या सोना लेकर उसे साजिश में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचाते थे।

जांच में आरोप लगाया गया है कि गोस्वामी ने ‘मनी म्यूल’ के तौर पर काम करते हुए न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी में बुजुर्ग पीड़ितों से नकदी और सोना लेने में सीधे तौर पर भूमिका निभाई। उसने कम से कम नौ बार ऐसा किया।

शिकायत के मुताबिक, 59 से 87 वर्ष आयु के नौ पीड़ितों को कुल करीब 75 लाख अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि गोस्वामी ने अमेरिका में एक बैंक खाता खोला और एक अगस्त 2025 से छह अप्रैल 2026 के बीच उसमें 90,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक नकद जमा किए।

भाषा शोभना सिम्मी

सिम्मी


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