वाशिंगटन प्राइमरी में भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल की आसान जीत, नवंबर में नीरव शेठ से मुकाबला
वाशिंगटन प्राइमरी में भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल की आसान जीत, नवंबर में नीरव शेठ से मुकाबला
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, पांच अगस्त (भाषा) अमेरिका में वाशिंगटन राज्य के सातवें डिस्ट्रिक्ट से नवंबर में होने वाले संसद के चुनाव में दो भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। पांच बार की सांसद प्रमिला जयपाल का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ से होगा।
मौजूदा सांसद प्रमिला जयपाल ने मंगलवार को हुए सभी दलों के प्राइमरी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माने जाने वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में 83.3 प्रतिशत वोट हासिल किए। वहीं, पूर्व पुलिस अधिकारी से कारोबारी बने नीरव शेठ 10.8 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने 53 प्रतिशत मतों की गिनती पूरी होने के बाद ही इस मुकाबले में जयपाल की जीत की घोषणा कर दी।
वाशिंगटन राज्य में ‘ओपन प्राइमरी’ प्रणाली लागू है, जिसके तहत दलगत भावना से ऊपर उठकर शीर्ष दो उम्मीदवार आम चुनाव के लिए चुने जाते हैं।
डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल (60) को 2016 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित होने वाली दक्षिण एशियाई मूल की पहली महिला होने का गौरव प्राप्त है।
चेन्नई में 21 सितंबर 1965 को जन्मीं जयपाल 16 वर्ष की उम्र में जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए अमेरिका आयी थीं।
बर्नी सैंडर्स के समर्थन से जयपाल ने डेमोक्रेटिक पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई और संसद में पार्टी की प्रभावशाली प्रगतिशील नेता बन गईं।
उनकी आधिकारिक जीवनी के अनुसार, वह कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की मानद अध्यक्ष हैं। यह समूह डेमोक्रेटिक पार्टी के लगभग 50 प्रतिशत सांसदों का प्रतिनिधित्व करता है।
वहीं, 40 वर्षीय नीरव शेठ का जन्म और पालन-पोषण अहमदाबाद में हुआ और वह 2008 में कंप्यूटर और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अमेरिका आए थे। उनकी चुनावी वेबसाइट के अनुसार, 2011 में वह अमेरिकी मरीन कोर में विमान मैकेनिक के रूप में शामिल हुए।
बाद में उन्होंने कुछ समय के लिए वाशिंगटन राज्य के लेकवुड शहर में पुलिस सेवा में भी काम किया, लेकिन सैन्य सेवा के दौरान लगी चोटों के कारण उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।
शेठ ने 2023 में पहली बार राजनीति में कदम रखा। उन्होंने वाशिंगटन राज्य में अपने कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार हुई चोरी और सेंधमारी की घटनाओं से परेशान होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया।
उन्होंने 2023 में जेसन रैंट्ज के पॉडकास्ट में कहा था, ‘‘मैं चुनाव इसलिए लड़ रहा हूं, क्योंकि मौजूदा प्रशासन की नाकामी के कारण हमें इस तरह की बेहूदा स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।’’
हालांकि, शेठ के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होगा, क्योंकि सिएटल और आसपास के क्षेत्रों वाला यह निर्वाचन क्षेत्र लंबे समय से डेमोक्रेटिक पार्टी का गढ़ माना जाता है और प्रमिला जयपाल 2016 से लगातार यहां जीत दर्ज करती आ रही हैं।
भाषा गोला दिलीप
दिलीप

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