EPFO Fake Message News: क्या आपके पास भी आया EPFO का यह मैसेज? भूलकर भी न करें क्लिक, जारी हुई एडवाइजरी

EPFO Fake Message News: EPFO ने सोशल मीडिया पर वायरल उस संदेश को फर्जी बताया है जिसमें सिस्टम अपग्रेड के नाम पर e-Office और कुछ सेवाएं बंद होने का दावा किया गया था। संगठन ने साफ किया कि उसने ऐसी कोई सूचना जारी नहीं की है और लोगों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।

EPFO Fake Message News: क्या आपके पास भी आया EPFO का यह मैसेज? भूलकर भी न करें क्लिक, जारी हुई एडवाइजरी

(EPFO Fake Message News/ Image Credit: moneycontrol)

Modified Date: August 5, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: August 5, 2026 3:37 pm IST
HIGHLIGHTS
  • EPFO ने वायरल मैसेज को बताया फर्जी।
  • e-Office बंद होने की खबर गलत निकली।
  • UMANG ऐप सेवाओं पर असर का दावा भ्रामक।

नई दिल्ली: EPFO Fake Message News: अगर आप EPFO की ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल (EPFO Fake Message News) हो रहा था। जिसमें दावा किया गया था कि EPFO का e-Office प्लेटफॉर्म 5 अगस्त को सिस्टम अपग्रेड के कारण कुछ समय के लिए बंद रहेगा। मैसेज में यह भी कहा गया था कि UMANG ऐप पर मिलने वाली कुछ EPFO सेवाएं भी प्रभावित होंगी। अब EPFO ने इस दावें को पूरी तरह गलत बताया है।

EPFO ने बताया वायरल संदेश फर्जी

EPFO ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए जानकारी दी कि वायरल हो रहा मैसेज (EPFO Fake Message News) संगठन की ओर से जारी नहीं किया गया है। EPFO ने साफ कहा कि यह संदेश फर्जी और भ्रामक है। संगठन ने सदस्यों, पेंशनर्स और नियोक्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी मैसेज पर भरोसा न करें। जिसकी पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से न हुई हो।

वायरल मैसेज में किया गया था यह दावा

सोशल मीडिया पर फैल रहे संदेश में कहा गया था कि EPFO का e-Office सिस्टम तय समय के लिए अपग्रेड किया जाएगा, जिसके कारण कुछ सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। इसके साथ ही UMANG ऐप के जरिए मिलने वाली EPFO सुविधाओं पर भी असर पड़ने की बात कही गई थी। इस मैसेज के वायरल होने से कई EPFO सदस्यों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी।

EPFO ने कही ये बात

EPFO ने दूसरी पोस्ट जारी कर स्थिति स्पष्ट की और बताया कि उसने सेवाएं बंद होने या किसी तकनीकी समस्या को लेकर कोई एडवाइजरी जारी नहीं की है। संगठन ने कहा कि अगर भविष्य में किसी सर्विस में बदलाव, मेंटेनेंस या तकनीकी अपग्रेड के कारण असर पड़ेगा तो इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाएगी।

सदस्यों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह

EPFO ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर फर्जी संदेश (EPFO Fake Message News) अक्सर सोशल मीडिया पर फैलते रहते हैं। ऐसे में किसी भी लिंक या सूचना को बिना जांचे आगे शेयर नहीं करना चाहिए। EPFO लगातार अपनी डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी सुधार कर रहा है लेकिन इसका मतलब सेवाएं बंद होना नहीं है। सदस्यों को सही जानकारी के लिए हमेशा EPFO के आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।