(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 19 मई (भाषा) अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने वाशिंगटन में कहा कि 2014 से भारत का आर्थिक परिवर्तन अमेरिका के साथ उसके बढ़ते संबंधों का मुख्य आधार रहा है।
वाशिंगटन में सोमवार को ‘यूएस-इंडिया फ्रेंडशिप काउंसिल’ द्वारा आयोजित ‘कैपिटल हिल समिट 2026’ को संबोधित करते हुए क्वात्रा ने कहा कि ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ (शांति) अधिनियम के पारित होने से नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र के सहयोग के अवसर खुल गए हैं।
उन्होंने भारतवंशी सांसद रो खन्ना, डेबोरा रॉस, टिम मूर और सीनेटर स्टीव डेन्स सहित अमेरिकी सांसदों की उपस्थिति में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहूंगा कि इसके पीछे एक मुख्य कारण वे बदलाव हैं जो वर्तमान में भारत में हो रहे हैं।’’
क्वात्रा ने कहा कि भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार को सालाना लगभग 220 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी में रक्षा और सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ा है और अमेरिका के बाहर भारत कुछ अमेरिकी मंचों का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता है।
उन्होंने 2023 में अमेरिकी कांग्रेस में दिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का हवाला देते हुए कहा, ‘‘हम भूगोल या भौगोलिक बाध्यताओं के कारण नहीं, बल्कि अपने साझा मूल्यों के कारण स्वाभाविक साझेदार हैं।’’
क्वात्रा ने कहा कि पिछले दो दशकों में प्रत्येक अमेरिकी प्रशासन ने भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने में पूर्व राष्ट्रपतियों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाया है।
भाषा सुरभि शोभना वैभव
शोभना
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