किंशासा (कांगो), 19 मई (एपी) कांगो पूर्वी इटुरी प्रांत में तीन इबोला उपचार केंद्र खोलेगा और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) देश में विशेषज्ञों की एक टीम भेज रहा है। वायरस के एक दुर्लभ प्रकार के प्रकोप से लगभग 120 लोगों की मौत हो चुकी है।
कांगो के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यहां एक अमेरिकी डॉक्टर भी उन नए संक्रमितों में शामिल है जिनमें वायरस की पुष्टि हुई है। इस वायरस के उपचार के लिए कोई स्वीकृत टीका या दवा उपलब्ध नहीं है। इसी बीच, वायरस के प्रकोप को लेकर सरकार की ओर से देर से कदम उठाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
डब्ल्यूएचओ ने रविवार को इबोला के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय मानते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया। वायरस के संक्रमण से सोमवार तक इटुरी और उत्तरी किवू प्रांतों में 118 से अधिक लोगों की मौत हुई और 300 संदिग्ध मामले सामने आए थे, जबकि पड़ोसी देश युगांडा में एक व्यक्ति की मौत हुई और एक संदिग्ध मामला दर्ज किया गया था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सहायता कर्मियों के अनुसार ‘बुंडीबुग्यो’ वायरस धीरे धीरे फैलता रहा और इसके बारे में कुछ हफ्तों तक लोगों को पता नहीं चल पाया। अब उत्तरी किवू की विद्रोहियों के नियंत्रण वाली राजधानी बुनिया, मोंगब्वालू, बुटेम्बो और न्याकुंडे में इसके मामले सामने आ चुके हैं।
जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के वैश्विक स्वास्थ्य नीति और राजनीति केंद्र के निदेशक मैथ्यू एम. कावानाग ने कहा, ‘‘शुरुआती परीक्षणों में इबोला के गलत स्वरूप की जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप हमें गलत नकारात्मक परिणाम मिले और इस लिए कदम उठाने में कई हफ्तों की देरी हुई।’’
उन्होंने डब्ल्यूएचओ से हटने और विदेशी सहायता में भारी कटौती करने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के पूर्व के फैसले की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘यह वही निगरानी प्रणाली है जिसका उद्देश्य इन वायरस का जल्द पता लगाना था।’’
लक्षणों की गंभीरता और बढ़ते मामलों के कारण बुनिया के कई इलाकों में दहशत का माहौल बढ़ता जा रहा है।
कांगो ने कहा है कि 24 अप्रैल को बुनिया में इस वायरस से पहले व्यक्ति की मृत्यु हुई और शव को मोंगब्वालू स्वास्थ्य क्षेत्र में वापस लाया गया, जो एक खनन क्षेत्र है और जहां बड़ी आबादी रहती है।
कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल रोजर काम्बा ने कहा, ‘‘इसी वजह से इबोला का प्रकोप बढ़ गया।’’
कांगो के राष्ट्रीय जैव-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के चिकित्सा निदेशक डॉ. जीन-जैक्स मुयम्बे ने बताया कि पूर्वी कांगो के इटुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में संक्रमित लोगों में एक अमेरिकी डॉक्टर भी शामिल है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के डॉ. सतीश पिल्लई ने पत्रकारों को बताया कि संक्रमित व्यक्ति समेत सात अमेरिकियों को निगरानी के लिए जर्मनी भेजा जा रहा है।
एपी सुरभि शोभना
शोभना