भारत के पड़ोसियों को लोकतंत्र के सही अर्थ पर विचार करना चाहिए : ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ के अध्यक्ष

भारत के पड़ोसियों को लोकतंत्र के सही अर्थ पर विचार करना चाहिए : ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ के अध्यक्ष

भारत के पड़ोसियों को लोकतंत्र के सही अर्थ पर विचार करना चाहिए : ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ के अध्यक्ष
Modified Date: January 27, 2026 / 10:07 pm IST
Published Date: January 27, 2026 10:07 pm IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 27 जनवरी (भाषा) ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के अध्यक्ष सर लिंडसे होयल ने भारत को ‘‘सभी लोकतंत्रों की जननी’’ बताते हुए कहा है कि इसके कुछ पड़ोसी देशों को इस बात पर विचार करना चाहिए कि लोकतंत्र का सही अर्थ क्या है।

सोमवार को लंदन में भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित एक स्वागत समारोह के दौरान गणतंत्र दिवस के अपने संदेश में, होयल ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा विश्व इतिहास में ‘मील का पत्थर’ है।

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में होयल मुख्य अतिथि थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हम (ब्रिटेन) संसद की जननी हो सकते हैं, लेकिन जब मैं लगभग 1 अरब लोगों के मतदान करने, मतगणना और परिणाम घोषित होने के बारे में सुनता हूं, तो यह कुछ खास होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद खास बात है कि आपके कुछ पड़ोसी देश लोकतंत्र के मायने समझने लगे हैं। यह हम स्वतंत्र देशों के बारे में है, जो लोकतांत्रिक दुनिया में विश्वास रखते हैं, और मैं कहना चाहूंगा कि जिन लोगों के पास सही मायने में लोकतंत्र नहीं है, वे इस पर विचार करें। लोकतंत्र ही हमारा लक्ष्य है और इसलिए आप (भारत) हमेशा एक मिसाल बने रहेंगे।’’

सभा को संबोधित करते हुए, ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी ‘‘अत्यंत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और आवश्यक’’ है।

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप


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