भारत के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की विश्वभर में सराहना
भारत के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की विश्वभर में सराहना
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 10 अप्रैल (भाषा) भारत के परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत का प्रतीक माने जा रहे प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने सराहना की है।
वैश्विक परमाणु नियामक आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने कहा कि तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर द्वारा पहली बार क्रांतिकता (क्रिटिकैलिटी) हासिल किया जाना ईंधन की दीर्घकालिक स्थिरता और परमाणु ऊर्जा के भविष्य की दिशा में एक अहम व निर्णायक कदम है।
परमाणु रिएक्टर में ‘क्रांतिकता’ नाभिकीय श्रृंखला प्रतिक्रिया की वह स्थिर, स्व-पोषक अवस्था है, जिसमें न्यूट्रॉन उत्पादन न्यूट्रॉन हानि को संतुलित करता है, जिससे नियंत्रित मात्रा में विद्युत उत्पादन संभव हो पाता है।
ग्रॉसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी भारत के परमाणु कार्यक्रम के सुरक्षित और संरक्षित विकास में अपना सहयोग जारी रखेगी। इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई।’’
ग्रॉसी ने कहा, ‘‘कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में क्रांतिकता (नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया) हासिल करने की दिशा में भारत ने प्रभावशाली प्रगति की है, जो ईंधन की स्थिरता और परमाणु ऊर्जा के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।’’
दो दशकों से अधिक समय में तैयार हुआ भारत का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर दुनिया में रूस के बाद अपनी तरह का केवल दूसरा रिएक्टर है। अमेरिका और जापान ने कई दशक पहले ही इस जटिल तकनीक पर महारत हासिल करने के प्रयास छोड़ दिए थे।
पेरिस स्थित आईईए ने भी इसे एक ‘‘महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि’’ बताया और भारत के वैज्ञानिकों व इंजीनियर को बधाई दी।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कई वर्षों के विकास के बाद हासिल की गई इस महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई।”
एजेंसी ने कहा कि छह अप्रैल को रात आठ बजकर 25 मिनट पर पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया हासिल करने वाला यह रिएक्टर अन्य रिएक्टर की तुलना में काफी कम परमाणु ईंधन का उपयोग करेगा और ‘क्लोज्ड फ्यूल साइकल’ की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा।
‘क्लोजड फ्यूल साइकल’ से अभिप्राय इस्तेमाल किए गए परमाणु ईंधन को फेंकने के बजाय, उसे फिर से उपयोग में लाने की व्यवस्था है।
आने वाले कुछ महीनों में वैज्ञानिक प्रारंभिक भौतिकी परीक्षण करेंगे और धीरे-धीरे बिजली उत्पादन बढ़ाने के बाद इसे विद्युत ग्रिड से जोड़ा जाएगा।
‘प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ अपनी तरह का पहला परमाणु रिएक्टर है, जिसमें ईंधन के रूप में प्लूटोनियम आधारित मिश्रित ऑक्साइड और कूलेंट के रूप में तरल सोडियम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह वर्तमान में भारत की परमाणु ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले दाबित भारी जल रिएक्टर से निकलने वाले प्रयुक्त ईंधन का भी उपयोग करेगा।
जहां देश में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड करता है, वहीं इस रिएक्टर का विकास भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम (बीएचएवीआईएनआई) द्वारा किया गया है।
भाषा खारी सुरभि
सुरभि

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