america jet down/ image source: RT_com X HANDLE
Iran America War Latest News: तेहरान/चबहार: बढ़ते मध्य पूर्व तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने **फारस की खाड़ी के पास अमेरिकी F‑18 लड़ाकू विमान को अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिये गिरा दिया है, और इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है। ईरानी आयरलिफ़ डिफेंस फोर्सेज ने दावा किया कि चबहार के ऊपर अमेरिकी F/A‑18 जेट को लक्ष्य बनाकर मार गिराया गया, जिसे उन्होंने अपने रडार और मिसाइल सिस्टम से निशाना बताया। ईरानी वीडियो में कथित तौर पर विमान पर हमला दिख रहा है, जिससे इलाके में हलचल बढ़ गई है।
US F-18 JET HIT BY AIR DEFENSES OVER IRAN — IRGC pic.twitter.com/uFYL2Jwnb1
— RT (@RT_com) March 25, 2026
हालाँकि, अमेरिकी सेनाओं के केंद्रीय कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस दावे का स्पष्ट खंडन किया है और कहा है कि “कोई भी अमेरिकी विमान को नहीं गिराया गया है,” तथा सोशल मीडिया पर फैल रहे वीडियो को गलत जानकारी/मिसइन्फ़ॉर्मेशन बताया है। इससे क्षेत्रीय संघर्ष और कूटनीतिक तनाव और उभर गया है, क्योंकि यह दावे तीसरे पक्ष द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं किये गए हैं। संघर्ष के बीच दोनों पक्ष अपनी-अपनी दावे और साक्ष्य पेश कर रहे हैं, जिससे सामरिक हालात और जटिल होते जा रहे हैं।
इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज स्पष्ट कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह केवल उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ सैन्य/राजनीतिक कार्रवाई में शामिल हैं। दूसरी ओर भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे “मित्र देशों” के जहाज़ों को शर्तों के साथ इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की इजाजत दी गई है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के लगभग 20% तेल व गैस का मार्ग है, पिछले कुछ हफ्तों के सैन्य तनावों के कारण आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गया था। अराघची ने कहा है कि जिन जहाज़ों को रास्ता मिलता है, उन्हें ईरान के साथ पूर्व सूचना, सुरक्षा उपायों और गैर‑हिंसक गतिविधियों का पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान न आए। अराघची ने बताया कि इन देशों के जहाज़ों को पहले ईरान के अधिकारियों के साथ समन्वय और सुरक्षा नियमों के पालन के बाद ही सुरक्षित मार्ग से गुजरने की अनुमति मिलेगी।
ईरान का यह रुख वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार मार्गों पर जारी तनाव के बीच अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि निर्णय का उद्देश्य “गैर‑दुश्मन” देशों के लिए अनुकूल और नियंत्रित पारगमन सुनिश्चित करना है, जिससे खाड़ी देशों और विश्व को ऊर्जा संकट के जोखिमों से बचाया जा सके। अराघची ने बताया कि इन देशों के जहाज़ों को पहले ईरान के अधिकारियों के साथ समन्वय और सुरक्षा नियमों के पालन के बाद ही सुरक्षित मार्ग से गुजरने की अनुमति मिलेगी।