Iran Israel War Update: ईरान ने दुनिया को दी बड़ी चेतावनी! अब केवल इन देशों के जहाज़ों को मिलेगी अनुमति, भारत शामिल या नहीं? यहां देखें
Iran Israel War Update: ईरान और इजरायल के बीच तनाव जारी है। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज स्पष्ट कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है।
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- ईरान ने भारत को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी
- चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को भी इजाजत
- मित्र देशों को होर्मुज से गुजरने की छूट है: ईरान
Iran Israel War Update: तेहरान: ईरान और इजरायल के बीच तनाव जारी है। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आज स्पष्ट कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट (जलडमरूमध्य) को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि यह केवल उन देशों के लिए बंद है जो ईरान के खिलाफ सैन्य/राजनीतिक कार्रवाई में शामिल हैं। दूसरी ओर भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे “मित्र देशों” के जहाज़ों को शर्तों के साथ इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की इजाजत दी गई है।
Iran FM Abbas Araghchi: We permitted passage through the Strait of Hormuz for friendly nations including China, Russia, India, Iraq, and Pakistan.
Source: Consulate General of the Islamic Republic of Iran in Mumbai pic.twitter.com/2JoBaOelqk
— ANI (@ANI) March 26, 2026
मित्र देशों को होर्मुज से गुजरने की छूट है: ईरान
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है और दुनिया के लगभग 20% तेल व गैस का मार्ग है, पिछले कुछ हफ्तों के सैन्य तनावों के कारण आंशिक रूप से अवरुद्ध हो गया था। अराघची ने कहा है कि जिन जहाज़ों को रास्ता मिलता है, उन्हें ईरान के साथ पूर्व सूचना, सुरक्षा उपायों और गैर‑हिंसक गतिविधियों का पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान न आए। अराघची ने बताया कि इन देशों के जहाज़ों को पहले ईरान के अधिकारियों के साथ समन्वय और सुरक्षा नियमों के पालन के बाद ही सुरक्षित मार्ग से गुजरने की अनुमति मिलेगी।
देशों को शर्तों के साथ गुजरने की अनुमति
ईरान का यह रुख वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार मार्गों पर जारी तनाव के बीच अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि निर्णय का उद्देश्य “गैर‑दुश्मन” देशों के लिए अनुकूल और नियंत्रित पारगमन सुनिश्चित करना है, जिससे खाड़ी देशों और विश्व को ऊर्जा संकट के जोखिमों से बचाया जा सके। अराघची ने बताया कि इन देशों के जहाज़ों को पहले ईरान के अधिकारियों के साथ समन्वय और सुरक्षा नियमों के पालन के बाद ही सुरक्षित मार्ग से गुजरने की अनुमति मिलेगी।
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