दुबई, 26 मई (एपी) ईरान ने मंगलवार को हालिया अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें “दुर्भावना और अविश्वसनीयता” का प्रतीक बताया है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब युद्ध समाप्त करने के लिए एक संभावित समझौते की दिशा में बातचीत जारी है।
इस बीच, इस्लामिक गणराज्य (ईरान) ने जनवरी से देश भर में ठप पड़ी इंटरनेट सेवाओं को बहाल करना शुरू कर दिया है।
अमेरिकी सेना ने सोमवार को दक्षिणी ईरान में किए गए हमलों को रक्षात्मक करार दिया था। अमेरिका का कहना है कि इन लक्ष्यों में मिसाइल प्रक्षेपण स्थल और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नावें शामिल थीं।
अमेरिका ने यह भी दावा किया कि कई हफ्तों से जारी संघर्षविराम के मद्देनजर उसने यह कार्रवाई “संयम” बरतते हुए की है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को संघर्षविराम का उल्लंघन बताया और चेतावनी दी कि इसके “सभी परिणामों” के लिए वाशिंगटन (अमेरिका) जिम्मेदार होगा, हालांकि मंत्रालय ने इस पर विस्तार से कुछ नहीं कहा।
ईरान ने अपने बयान में कहा, ‘इस्लामिक गणराज्य ईरान किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब दिये बिना नहीं छोड़ेगा।’
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘मिज़ान’ के अनुसार, देश के ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले ड्रोन और एक लड़ाकू विमान को मार गिराया तथा खदेड़ दिया। हालांकि, एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये घटनाएं कब हुईं।
ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने वार्षिक हज यात्रा के संबंध में जारी एक बयान में अमेरिका और इजराइल के साथ अपने देश के टकराव का जिक्र किया। उन्होंने घोषणा की कि पश्चिम एशिया के अन्य देश “अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल का काम नहीं करेंगे।”
इस बीच, ईरान के सरकारी टीवी ने खबर दी है कि कतर में जारी शांति वार्ता में हिस्सा लेने गए ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची वहां से रवाना हो गए हैं।
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सुमित सुरेश
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