ईरान: सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान प्रतिशोध की मांग उठी

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ईरान: सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान प्रतिशोध की मांग उठी

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  • Publish Date - July 5, 2026 / 10:14 PM IST,
    Updated On - July 5, 2026 / 10:14 PM IST

तेहरान, पांच जुलाई (एपी) ईरान के नये सर्वोच्च नेता के भाई और वरिष्ठ अधिकारी रविवार को अयातुल्ला अली खामेनेई की जनाजे की नमाज में सार्वजनिक रूप से नजर आए। अपनी सुरक्षा को लेकर उनके हाव-भाव से ऐसे समय आत्मविश्वास झलक रहा था, जब युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने की वार्ता में अमेरिका की मांगों का तेहरान विरोध कर रहा है।

लाखों लोगों की भीड़ ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ और ‘इजराइल मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। वे 28 फरवरी को हुए उस हमले का बदला लेने की मांग कर रहे हैं, जिसमें 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे तथा जिसके कारण युद्ध शुरू हुआ था।

ईरान के नये सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई अभी तक अंतिम संस्कार की रस्मों में शामिल नहीं हुए हैं, जो कई दिन तक जारी रहने वाली हैं। माना जाता है कि जिस हवाई हमले में उनके पिता की मौत हुई थी, उसमें घायल होने के बाद वह कहीं छिपे हुए हैं।

अप्रैल में हुए संघर्षविराम से पहले युद्ध के चरम पर इजराइल ने शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया था।

इस बीच, अमेरिका ईरान के साथ बातचीत को आगे बढ़ा रहा है, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलना और ईरानी परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना है।

रविवार को अंतिम संस्कार में शामिल हुई 42 साल की नर्स ज़ीबा नादेरी ने कहा कि ईरान को मोजतबा खामेनेई के आदेशों पर ध्यान देना चाहिए। उसने कहा, ‘‘मैंने बदला लेने की बात सुनी, लेकिन हमारे नेता को बताना चाहिए कि हमें क्या करना है। और हमें उनकी बात माननी चाहिए।’’

अंतिम संस्कार की रस्मों के दौरान तेहरान में रविवार को लाखों लोगों की भीड़ के सामने प्रस्तुति देने वाले एक कवि ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मार डालने का आह्वान किया।

ट्रंप को मार डालने का पहली बार मंच से सीधा आह्वान किया गया है। इस कार्यक्रम में ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को मार डालने की मांग वाले पोस्टर भी लगाए गए तथा दीवारों पर ऐसे नारे लिखे गए।

लेखक मोहम्मद रसूली ने भीड़ से ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद’’ और ‘‘इजराइल मुर्दाबाद’’ के नारे लगवाए।

रसूली ने अंतिम संस्कार के दौरान लाउडस्पीकर से भीड़ को संबोधित करते हुए ट्रंप का जिक्र किया और पूछा, ‘‘दुनिया का सबसे दुष्ट व्यक्ति अब तक जीवित क्यों है?’’

उनके इस सवाल पर भीड़ ने उत्साह जताया। रसूली ने जब कहा कि ‘‘अब इस दुनिया में ट्रंप के लिए कोई जगह नहीं है,’’ तो इस बात पर भी भीड़ ने उनका समर्थन किया।

बाद में, 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने तेहरान के ‘ग्रैंड मुसल्ला’ में खामेनेई और उनके दिवंगत परिजनों के लिए नमाज की अगुवाई की।

इस मौके पर खामेनेई के बेटे मसूद, मेसम और मुस्तफा के अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और रेवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी मौजूद थे। विदेशों में अभियान चलाने वाली ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ की ‘कुद्स फोर्स’ के प्रमुख इस्माइल कानी भी इस दौरान मौजूद थे।

हालांकि, ईरान के नये सर्वोच्च नेता और खामेनेई के एक अन्य बेटे अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। माना जाता है कि वह अमेरिका और इजराइल के हमले में घायल होने के बाद से छिपे हुए हैं। इजराइल उन्हें भी मार डालने की धमकी दे चुका है।

रविवार को अंतिम संस्कार में एक दिन पहले की तुलना में कहीं अधिक लोग शामिल हुए। काले कपड़े पहने शोकाकुल लोग खामेनेई के सम्मान में बैनर और झंडे लेकर आयोजन स्थल पहुंचे।

कुछ बैनरों में ट्रंप को मार डालने का आह्वान भी किया गया था।

इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने देश की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर वाशिंगटन में भाषण देते हुए कहा, ‘‘हमें जबरदस्त सफलता मिली है। वेनेजुएला को देखिए, ईरान को देखिए। हमने उन्हें मिटा दिया, उनकी सेना को खत्म कर दिया।’’

खामेनेई ने कई दशकों तक ईरान पर शासन किया था। ईरान युद्ध की शुरुआत में 28 फरवरी को हुए हवाई हमले में उनकी मौत हो गई। वह 86 वर्ष के थे।

अली खामेनेई का अंतिम संस्कार देश की धर्मतांत्रिक व्यवस्था और नये सर्वोच्च नेता एवं उनके बेटे अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के लिए समर्थन बढ़ाने का अवसर बन सकता है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है।

इस बीच, यह आशंका भी बनी हुई है कि इजराइल फिर हमला कर सकता है।

युद्ध के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई और अंतिम संस्कार पूरा होने तक वार्ता रोक दी गई है।

एपी नेत्रपाल सुभाष

सुभाष