ईरान: हैकर्स ने निर्वासित युवराज का संदेश प्रसारित करने के लिए उपग्रह प्रसारण को निशाना बनाया
ईरान: हैकर्स ने निर्वासित युवराज का संदेश प्रसारित करने के लिए उपग्रह प्रसारण को निशाना बनाया
दुबई, 19 जनवरी (एपी) हैकर्स ने ईरान के सरकारी टेलीविजन के उपग्रह प्रसारण को बाधित कर देश के निर्वासित युवराज का समर्थन करने और सुरक्षा बलों से ‘लोगों पर हथियार न तानने’ का आह्वान करने वाला फुटेज प्रसारित किया।
ऑनलाइन उपलब्ध फुटेज में सोमवार सुबह यह जानकारी सामने आई।
रविवार रात ईरान के कई सैटेलाइट चैनलों पर एक वीडियो संदेश प्रसारित हुआ। वीडियो में निर्वासित युवराज रज़ा पहलवी के दो क्लिप दिखाए गए। इसके बाद एक क्लिप में ऐसे लोगों और सुरक्षा बलों के दृश्य शामिल थे जो ईरानी पुलिस की वर्दी में नजर आ रहे थे। वीडियो में बिना कोई सबूत पेश किए यह दावा किया गया कि कुछ लोगों ने ‘‘अपने हथियार रख दिए हैं और जनता के प्रति निष्ठा की शपथ ली है।’’
इसमें एक संदेश में लिखा था, ‘‘यह सेना और सुरक्षा बलों के लिए संदेश है। जनता पर हथियार न तानें। ईरान की आज़ादी के लिए राष्ट्र के साथ जुड़ें।’’
वहीं देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की करीबी मानी जाने वाली अर्धसरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ ने राज्य प्रसारक के एक बयान का हवाला देते हुए स्वीकार किया कि ‘देश के कुछ क्षेत्रों में अज्ञात स्रोत के कारण सिग्नल क्षण भर के लिए बाधित हो गया था।’
हालांकि उसने यह नहीं बताया कि क्या प्रसारित किया गया था।
पहलवी के कार्यालय ने हैकिंग के बारे में ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के सवालों का जवाब नहीं दिया।
पहलवी ने अपने संदेश में कहा, ‘‘सेना के लिए मेरा एक विशेष संदेश है। आप ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं, इस्लामी गणराज्य की सेना नहीं। आपको अपनी जान की रक्षा करने का कर्तव्य है। आपके पास ज्यादा समय नहीं बचा है। जल्द से जल्द जनता के साथ जुड़ें।’’
कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शनों को कुचलने के लिए अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई में मरने वालों की संख्या कम से कम 3,919 तक पहुंच गई है। उनका मानना है कि मृतकों की संख्या इस से अधिक हो सकती है।
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कार्रवाई और उन्हें फांसी की सजा दिए जाने पर अमेरिका ईरान के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
कुछ दिन पहले दक्षिण चीन सागर में चक्कर लगा रहा एक अमेरिकी विमानवाहक पोत रात भर सिंगापुर से होते हुए मलक्का जलडमरूमध्य में प्रवेश कर गया।
एपी शोभना मनीषा
मनीषा

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