अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया मिली : पाकिस्तान
अमेरिकी शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया मिली : पाकिस्तान
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 10 मई (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को कहा कि ईरान ने पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका द्वारा दिये गए प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दे दी है।
यह प्रयास संवेदनशील क्षेत्रीय युद्धविराम को बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। मौजूदा तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजरानी तंत्र में व्यवधान उत्पन्न हुआ है और वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गए हैं।
भारत के साथ पाकिस्तान के पिछले संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने रविवार को कहा: “फिलहाल, फील्ड मार्शल (आसिम मुनीर) ने मुझे सूचित किया है कि हमें ईरान का जवाब मिल गया है। मैं इससे अधिक विवरण नहीं दे सकता।”
इससे पहले, ईरानी मीडिया ने बताया था कि तेहरान ने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया पाकिस्तान को सौंप दी थी, जिसे बाद में वाशिंगटन को भेज दिया गया था।
अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के परिणामस्वरूप युद्ध शुरू हुआ था। फिलहाल आठ अप्रैल से युद्धविराम जारी है।
इस्लामाबाद ने 11 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत के एक दौर की मेजबानी की, लेकिन दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहे।
ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने बताया कि ईरान लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना चाहता है, जहां इजराइल ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह से लड़ रहा है, और साथ ही जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है।
वाशिंगटन के नवीनतम प्रस्ताव में युद्ध समाप्त करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेने के लिए एक समझौते का जिक्र था, जिस पर तेहरान बाद में चर्चा करना चाहता है।
ईरान की प्रतिक्रिया पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज़ ने ‘एबीसी’ को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप “युद्ध की ओर लौटने से पहले कूटनीति को हर संभव मौका दे रहे हैं।”
इसी बीच, कतर के तट पर एक जहाज पर ड्रोन हमले से आग लगने की घटना ने युद्धविराम पर सवाल खड़े किये। संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में ड्रोन के प्रवेश की सूचना दी। यूएई ने इसके लिए ईरान को दोषी ठहराया। हालांकि हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और किसी ने भी इसकी तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली है।
भाषा प्रशांत संतोष
संतोष

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