जी7 की बैठक में ईरान युद्ध पर चर्चा हुई
जी7 की बैठक में ईरान युद्ध पर चर्चा हुई
वॉक्स-डे-सेर्ने (फ्रांस), 27 मार्च (एपी) फ्रांस में शुक्रवार को जी7 विदेश मंत्रियों की बैठक हुई जिसमें पश्चिम एशिया के संघर्ष और रूस तथा यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर चर्चा की गई।
इस बैठक में ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर गहरे मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बार-बार की गई शिकायतों के बाद ये मतभेद सामने आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि अमेरिका के सहयोगियों ने ईरान की जवाबी कार्रवाई का सामना करने में मदद के अनुरोध को नजरअंदाज या अस्वीकार कर दिया है।
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जी7 देशों के अपने समकक्षों के साथ इस बैठक में शामिल हुए।
ईरान युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने और संकट को समाप्त करने के लिए संभावित वार्ताओं की स्थिति को लेकर अनिश्चितता के साथ तेल बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का ‘‘शीघ्र समाधान’’ करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का आह्वान किया है।
कूपर ने कहा कि ईरान सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले तेल टैंकरों को अवरुद्ध करके वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है।
जी7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा, ‘‘हम उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से बहुत निराश हैं क्योंकि नाटो ने बिल्कुल कुछ नहीं किया है।’’
रुबियो ने कहा, ‘‘सच कहूं तो, मुझे लगता है कि दुनिया भर के देशों को, यहां तक कि उन देशों को भी जो इस बारे में थोड़ी बहुत शिकायत कर रहे हैं, वास्तव में आभारी होना चाहिए कि अमेरिका के पास एक ऐसा राष्ट्रपति है जो इस तरह के खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।’’
एपी
देवेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल

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