अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा, समझौते पर टिकी दुनिया की नजर
अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा, समझौते पर टिकी दुनिया की नजर
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 11 अप्रैल (भाषा) ईरानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ वार्ता के लिए शनिवार तड़के पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचा।
दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम की उम्मीद के साथ दुनिया भर की नजरें इस वार्ता पर टिकी हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा था कि अमेरिका और ईरान इस्लामाबाद में वार्ता करेंगे। उन्होंने ‘एक्स’ पर जारी अपने वक्तव्य में अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों को भी ‘टैग’ किया था।
ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल शनिवार को शुरू होने वाली ‘इस्लामाबाद वार्ता’ में हिस्सा लेगा। इस प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे डी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी इस्लामाबाद रवाना हुआ।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि ईरान के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार, ‘नेशनल असेंबली’ के अध्यक्ष अयाज सादिक, रक्षा बलों के प्रमुख एवं थल सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर तथा गृह मंत्री सैयद मोहसिन रजा नकवी ने उसका स्वागत किया।
विदेश कार्यालय ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘इस्लामी गणराज्य ईरान से ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद वार्ता में भाग लेने के लिए पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं।’’
वक्तव्य के अनुसार, डार ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष रचनात्मक ढंग से बातचीत करेंगे। उन्होंने पश्चिम एशिया के संघर्ष का स्थायी और टिकाऊ समाधान निकालने की दिशा में पाकिस्तान की मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा भी दोहराई।
यह प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय में इस्लामाबाद पहुंचा है जब लेबनान में इजराइल के हमलों के कारण ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा को लेकर अनिश्चितता जताई जा रही थी और सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे।
कुछ खबरों में ईरानी मीडिया के हवाले से कहा गया था कि प्रतिनिधिमंडल तभी वार्ता में हिस्सा लेगा, जब युद्धविराम समझौते में तय शर्तें पूरी होंगी।
ईरान की अर्ध-सरकारी ‘तसनीम’ समाचार एजेंसी ने खबर दी थी कि ‘‘पहले रखी गई शर्तें’’ पूरी होने तक बातचीत शुरू नहीं होगी। यह बात इस्लामाबाद रवाना होने से पहले गालिबफ द्वारा ‘एक्स’ पर दिए गए संदेश से भी मेल खाती है।
गालिबफ ने ‘एक्स’ पर कहा था, ‘‘दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किए गए दो कदम अभी लागू नहीं हुए हैं- लेबनान में युद्धविराम और वार्ता शुरू होने से पहले ईरान की संपत्तियों पर लगी रोक हटाना।’’
उन्होंने कहा था, ‘‘वार्ता शुरू होने से पहले इन दोनों बातों को पूरा किया जाना चाहिए।’’
इस्लामाबाद के लिए उड़ान भरने से पहले वेंस ने कहा कि वह वार्ता को लेकर उत्सुक हैं और उम्मीद करते हैं कि यह “सकारात्मक” होगी।
उन्होंने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरानी अच्छी नीयत से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं लेकिन अगर वे हमारे साथ ‘खेल खेलने’ की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि वार्ता टीम इतनी भी सहयोगी नहीं है।”
वार्ता के लिए इस्लामाबाद को ‘रेड अलर्ट’ पर रखा गया है और वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडलों की बहुस्तरीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी में 10,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
भाषा
सिम्मी गोला
गोला

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