US Iran Peace Talks in Pakistan: युद्धविराम की उम्मीद के साथ पाकिस्तान पहुंचा ईरानी डेलीगेशन, आज दोनों देशों के बीच होगी बातचीत

US Iran Peace Talks in Pakistan: युद्धविराम की उम्मीद के साथ पाकिस्तान पहुंचा ईरानी डेलीगेशन, आज दोनों देशों के बीच होगी बातचीत

US Iran Peace Talks in Pakistan: युद्धविराम की उम्मीद के साथ पाकिस्तान पहुंचा ईरानी डेलीगेशन, आज दोनों देशों के बीच होगी बातचीत

US Iran Peace Talks in Pakistan | Photo Credit: IBC24

Modified Date: April 11, 2026 / 07:44 am IST
Published Date: April 11, 2026 7:44 am IST
HIGHLIGHTS
  • अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में ऐतिहासिक शांति वार्ता
  • ईरान ने वार्ता शुरू करने से पहले दो शर्तें रखीं
  • पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और वार्ता को निर्णायक बताया गया है

इस्लामाबाद: US Iran Peace Talks in Pakistan पश्चिम एशिया में हफ्तों से जारी भीषण संघर्ष के बीच शांति की एक बड़ी उम्मीद जगी है। आज अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक ‘आर-पार’ वार्ता होने जा रही है। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में वार्ता होगी। अमेरिका के साथ युद्धविराम पर बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंच चुका है।

US Iran Peace Talks in Pakistan ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरानी डेलीगेशन का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ कर रहे हैं। उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तान पहुंचे। एयरपोर्ट पहुंचने पर पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने उनका स्वागत किया।

अमेरिका की ओर से जेडी वेंस करेंगे नेतृत्व

अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और डोनाल्ड ट्रंप के दामाद व सलाहकार जेरेड कुशनर भी इस वार्ता का हिस्सा होंगे।

इस्लामाबाद में होगी बातचीत

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस वार्ता को “निर्णायक” बताया है। पाकिस्तान पिछले कई हफ्तों से दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात बोली है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ईरान की स्थिति को बेहतर ढंग से समझते हैं, जो इस बातचीत में मददगार साबित हो सकता है।

ईरान ने बातचीत के लिए रखी दो शर्त

गालिबफ ने पाकिस्तान पहुंचने से पहले बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिका के सामने दो शर्तें रखी थीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से तय किए गए दो उपायों को अभी तक लागू नहीं किया गया है, लेबनान में युद्धविराम और वार्ता शुरू होने से पहले ईरान की अवरुद्ध संपत्तियों की रिहाई। वार्ता शुरू होने से पहले इन दोनों मामलों को पूरा किया जाना चाहिए।’

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