हवाई हमले में ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया

हवाई हमले में ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया

हवाई हमले में ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया गया
Modified Date: March 22, 2026 / 12:15 am IST
Published Date: March 22, 2026 12:15 am IST

काहिरा, 21 मार्च (एपी) ईरान ने हिंद महासागर में स्थित ब्रिटेन-अमेरिका के संयुक्त अड्डे को निशाना बनाया। वहीं, ईरान के मुख्य परमाणु संवर्धन स्थल पर एक बार फिर हमला किया गया।

ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र को शनिवार को एक हवाई हमले में निशाना बनाया गया। ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘मिजान’ ने यह जानकारी दी।

वहीं, ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी-ब्रिटेन संयुक्त हवाई अड्डे पर हमला किया।

ईरान द्वारा लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित डिएगो गार्सिया हवाई अड्डे पर किए गए हमले से यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं जो पहले स्वीकार की गई दूरी से कहीं अधिक दूर तक जा सकती हैं।

इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि आने वाले सप्ताह में ईरान के खिलाफ हमलों में ‘‘काफी वृद्धि’’ होगी।

पश्चिम एशिया में युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बीच काट्ज ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘अगले सप्ताह, इजराइल और अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी आतंकवादी शासन तथा उसके आधारभूत ढांचों के विरुद्ध किए जाने वाले हमलों की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।’’

स्थानीय निवासियों ने बताया कि रातभर और सुबह तक ईरान की राजधानी तेहरान में भारी हवाई हमले हुए। वहीं, इराक में बगदाद स्थित खुफिया सेवा मुख्यालय पर एक ड्रोन ने हमला किया, जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया में सैन्य अभियानों को ‘‘धीरे-धीरे कम’’ करने पर विचार कर रही है। हालांकि, अमेरिका ने उस क्षेत्र में और युद्धपोत तथा मरीन सैनिक तैनात करने की घोषणा भी की है।

अमेरिका के ये मिले-जुले संकेत ऐसे समय में आए हैं, जब तेल की कीमतों में फिर उछाल से अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई। ट्रंप प्रशासन ने ईरानी तेल से लदे जहाजों पर लगे प्रतिबंध हटाने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करना है।

इस बीच, ब्रिटेन ने हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया द्वीप स्थित ब्रिटिश-अमेरिकी हवाई सैन्य प्रतिष्ठान पर ईरान की सेना द्वारा मिसाइलें दागे जाने की निंदा की है।

ब्रिटिश अधिकारियों ने नाकाम हमले के प्रयास का विवरण नहीं दिया है। यह स्पष्ट नहीं है कि मिसाइलें सैन्य अड्डे के कितने करीब पहुंचीं, जो ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान द्वारा ‘‘पूरे क्षेत्र में हिंसक हमले करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंधक बनाए रखना, ब्रिटेन के हितों एवं उसके सहयोगियों के लिए खतरा है।’’

ब्रिटेन ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमलों में शामिल नहीं हुआ है, लेकिन उसने अमेरिकी बमवर्षक विमानों को ईरान के मिसाइल स्थलों पर हमला करने के लिए ब्रिटेन के ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।

शुक्रवार को ब्रिटेन सरकार ने कहा कि अमेरिकी बमवर्षक विमान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरान के हमलों को रोकने के अभियानों में डिएगो गार्सिया सहित ब्रिटेन के ठिकानों का भी उपयोग कर सकते हैं।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘मिजान’ ने बताया कि नतांज परमाणु संयंत्र को शनिवार को एक हवाई हमले में निशाना बनाया गया। एजेंसी ने कहा कि संयंत्र से कोई रेडियोधर्मी विकिरण नहीं हुआ है।

ईरान के परमाणु संयंत्र नतांज पर युद्ध के पहले सप्ताह में हमला हुआ था और उपग्रह चित्रों के अनुसार कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही थीं।

तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित परमाणु संयंत्र को जून 2025 में ईरान और इजराइल के बीच 12 दिनों के युद्ध में इजराइली हवाई हमलों और अमेरिका द्वारा निशाना बनाया गया था।

शनिवार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने ‘एक्स’ पर कहा कि ईरान ने उसे नतांज पर हमले के बारे में सूचित किया है और यह भी बताया है कि संयंत्र के बाहर विकिरण स्तर में कोई वृद्धि नहीं हुई है। एजेंसी ने कहा कि वह घटना की जांच कर रही है।

ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है।

अमेरिका के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘हम अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब हैं, इसलिए हम पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ अपने बड़े सैन्य प्रयासों को कम करने पर विचार कर रहे हैं।’’

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि अमेरिका पश्चिम एशिया में तीन और हमलावर जहाज और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन तैनात कर रहा है। दो अन्य अमेरिकी अधिकारियों ने भी जहाजों की तैनाती की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वे कहां जा रहे हैं।

कुछ दिन पहले, अमेरिका ने प्रशांत क्षेत्र से मध्य पूर्व की ओर 2,500 मरीन सैनिकों को ले जा रहे जहाजों के एक अन्य समूह को भेजा था। ये मरीन सैनिक पहले से ही इस क्षेत्र में मौजूद 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों में शामिल होंगे।

ट्रंप ने कहा है कि उनकी ईरान में जमीनी सेना भेजने की कोई योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि उनके पास सभी विकल्प मौजूद हैं।

एपी देवेंद्र सुरभि

सुरभि


लेखक के बारे में