इजराइल की गरिमा बिकाऊ नहीं: नेतन्याहू को क्षमादान देने के ट्रंप के अनुरोध पर हर्ज़ोग का बयान
इजराइल की गरिमा बिकाऊ नहीं: नेतन्याहू को क्षमादान देने के ट्रंप के अनुरोध पर हर्ज़ोग का बयान
यरूशलम, 13 मार्च (भाषा) इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने भ्रष्टाचार के मुकदमे में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को क्षमादान देने के लिए अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार की गई अपील का जवाब देते हुए कहा है कि इजराइल की ‘गरिमा, स्वतंत्रता और संप्रभुता’ बिकाऊ नहीं है।
ट्रंप ने नेतन्याहू के खिलाफ आपराधिक भ्रष्टाचार मुकदमे में उन्हें क्षमादान जारी करने में अब तक की विफलता को लेकर हर्ज़ोग पर बार-बार मौखिक हमले किए हैं।
बुधवार को ट्रंप ने क्षमादान अनुरोध से निपटने के तरीके को लेकर हर्जोग को ‘‘कमजोर’’ बताया।
टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के अनुसार, बृहस्पतिवार को बेत ज़ारज़िर शहर के दौरे के दौरान हर्ज़ोग ने ट्रंप की बार-बार की गई टिप्पणियों को ‘‘इजराइल देश के शासन और संप्रभुता के प्रतीकों पर एक स्पष्ट हमला’’ करार दिया।
हर्ज़ोग ने कहा, ‘‘मैं अपनी प्रतिष्ठा नहीं, बल्कि देश की प्रतिष्ठा चाहता हूं। हमारी गरिमा, स्वतंत्रता और संप्रभुता किसी को भी बेची नहीं जा सकती।’’
रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया, ‘‘जब क्षमादान का अनुरोध प्राप्त होगा, तो मैं निश्चित रूप से पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से – बिना किसी दबाव या शोर-शराबे के – स्पष्ट मन और निर्मल भाव से उस पर विचार करूंगा।’’
इजराइली राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि नेतन्याहू को ट्रंप के खिलाफ कड़ा रुख अपनाना चाहिए था।
हर्ज़ोग ने कहा, ‘‘विभिन्न मुद्दों पर दशकों से चले आ रहे राजनीतिक और कानूनी मतभेदों – यहां तक कि हमारे सहयोगियों के साथ भी – और इज़राइल देश के शासन और संप्रभुता के प्रतीकों पर खुलेआम हमले में अंतर है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर एक बयान जारी किया जाना चाहिए।’’
बृहस्पतिवार को एक प्रेसवार्ता के दौरान ट्रंप की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा कि ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने दिल की बात कहने का अधिकार है।’’
उन्होंने इस मुकदमे की निंदा करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया।
नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप ‘‘सोचते हैं कि राजनीतिक उत्पीड़न हो रहा है’’ और ‘‘उन्हें जो चाहे कहने का अधिकार है।’’
इजराइली प्रधानमंत्री इस बात से इनकार किया कि उन्होंने हस्तक्षेप के लिए ट्रंप से संपर्क किया था।
उन्होंने ट्रंप की टिप्पणी पर कहा, ‘‘उनके कहे के लिए मैं ज़िम्मेदार नहीं हूं। क्या वह दिल से बोलते हैं? हां, वह बोलते हैं।’’
बृहस्पतिवार को, नेतन्याहू ने हर्ज़ोग से उन्हें क्षमादान देने और उनके भ्रष्टाचार के मुकदमे को समाप्त करने का आग्रह किया।
उन्होंने ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अपनी पहली प्रेसवार्ता में कार्यवाही को ‘‘बेतुका तमाशा’’ करार दिया।
भाषा
नेत्रपाल पवनेश
पवनेश

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