इजराइल की संसद 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले भंग

इजराइल की संसद 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले भंग

इजराइल की संसद 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले भंग
Modified Date: July 17, 2026 / 01:09 pm IST
Published Date: July 17, 2026 1:09 pm IST

तेल अवीव, 17 जुलाई (एपी) प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सत्ताधारी गठबंधन के आखिरी पलों में कई विधेयक पारित करने के बाद, शुक्रवार तड़के इजराइल की संसद ‘नेसेट’ भंग कर दी गई।

‘नेसेट’ का ग्रीष्मावकाश के लिए शुक्रवार को सत्रावसान होने वाला था लेकिन अब 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के बाद ही अगला सत्र होगा।

संसद को ऐसे समय भंग किया गया है जब नेतन्याहू अगले चुनाव से पहले अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इजराइल सात अक्टूबर के उस हमले की तीसरी बरसी के करीब भी पहुंच रहा है, जिसके कारण लगभग तीन साल से युद्ध चल रहा है।

इजराइल में जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि विपक्षी दलों को भारी समर्थन मिल रहा है। इन दलों का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट और सेना के एक लोकप्रिय पूर्व प्रमुख (जो मध्यमार्गी विचारधारा वाले हैं) कर रहे हैं।

पिछले हफ़्ते ‘नेसेट’ ने मैराथन सत्र में कई विवादित विधेयक पारित किए, क्योंकि नेतन्याहू अपने कई पसंदीदा परियोजनाएं ज़बरदस्ती आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘नेसेट’ के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने संसद भंग करने की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘हम अपना चार साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, हमने नौ बजट और सैकड़ों विधेयक पारित किए। मुझ पर भरोसा करने के लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं, जिसकी वजह से हम मिलकर चार साल का कार्यकाल पूरा करने में सफल रहे।’’

इजराइल के इतिहास में चार साल का पूरा कार्यकाल पूरा करना एक दुर्लभ घटना है।

पिछली बार इजराइल की सरकार ने समय से पहले चुनाव हुए बिना अपना पूरा कार्यकाल 1988 में पूरा किया था। इजराइल में (प्रधानमंत्री के) कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है और नेतन्याहू ने इज़राइल के इतिहास में किसी भी अन्य प्रधानमंत्री की तुलना में ज़्यादा बार कार्यकाल संभाला है, लेकिन उनके लिए भी चार साल का पूरा कार्यकाल पूरा करना दुर्लभ ही रहा है।

एपी राजकुमार वैभव

वैभव


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