ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में फिर 2020 के चुनावों की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में फिर 2020 के चुनावों की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में फिर 2020 के चुनावों की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
Modified Date: July 17, 2026 / 09:31 am IST
Published Date: July 17, 2026 9:31 am IST

वाशिंगटन, 17 जुलाई (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार रात राष्ट्र के नाम अपने ‘प्राइम टाइम’ संबोधन में एक बार फिर 2020 के चुनावों के नतीजों पर संदेह जताया और दावा किया कि देश की मौजूदा चुनाव प्रणाली में गंभीर खामियां हैं।

उन्होंने उस मुद्दे को फिर से उठाया है, जिसका इस्तेमाल वह लंबे समय से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी हार को नकारने के लिए करते रहे हैं।

डेमोक्रेट नेता जो बाइडेन से छह वर्ष पहले मिली चुनावी हार और नतीजों को खारिज करने का जिक्र ट्रंप आज भी अन्य मुद्दों पर बोलते समय अक्सर करते हैं। राष्ट्रपति के प्राइम टाइम संबोधन में ऐसे अत्यधिक राजनीतिक और षड्यंत्र संबंधी विषयों को प्रमुखता देना इस बात पर जोर देता है कि ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में स्थापित राजनीतिक परंपराओं की अनदेखी की है और साथ ही पुरानी शिकायतों तथा विवादों को लगातार उठाते रहने पर जोर दिया है।

ट्रंप ने बृहस्पतिवार रात से 2020 और 2018 के चुनावों से जुड़े पहले गोपनीय रहे दस्तावेज सार्वजनिक करने शुरू कर दिए हैं। हालांकि उन्होंने 2016 और 2024 में अपनी चुनावी जीत पर कोई सवाल नहीं उठाया।

ट्रंप के संबोधन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस ने एक वेबसाइट भी जारी की, जिस पर जांच संबंधी दस्तावेज, खुफिया विश्लेषण और पत्राचार उपलब्ध कराए गए।

ट्रंप ने चीन का उल्लेख प्रमुखता से किया, लेकिन रूस का जिक्र नहीं किया, जबकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पहले रूस पर चुनावों को प्रभावित करने के प्रयासों का आरोप लगा चुकी हैं।

कुछ प्रमुख अमेरिकी टीवी नेटवर्क जैसे एबीसी, एनबीसी और सीएनएन ने ट्रंप के संबोधन का सीधा प्रसारण नहीं किया और उसे केवल अपने स्ट्रीमिंग मंचों पर उपलब्ध कराया। सीबीएस और एमएसएनओडब्ल्यू ने भाषण समाप्त होने से पहले प्रसारण रोक दिया, जबकि फॉक्स न्यूज ने पूरा संबोधन दिखाया। ट्रंप ने इसे लेकर मीडिया पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे ‘‘एक साजिश का हिस्सा’’ हैं।

डेमोक्रेटिक नेताओं ने आरोप लगाया कि ट्रंप 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले निराधार चुनावी दावों को फिर से हवा देकर चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वॉर्नर और न्यू जर्सी के सीनेटर एंडी किम ने कहा कि अमेरिकी मतदाता भ्रामक दावों से आगे बढ़ चुके हैं और आगामी चुनावों में लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएंगे।

एपी गोला प्रशांत

प्रशांत


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