जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर द्विपक्षीय, बहुपक्षीय बैठकें कीं
जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर द्विपक्षीय, बहुपक्षीय बैठकें कीं
(योषिता सिंह)
(फोटो के साथ)
न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के इतर कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकें कीं और बहुपक्षवाद, प्रभावी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आवश्यकता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।
जयशंकर ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से इतर भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय बैठक में भाग लिया।
विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष, स्वास्थ्य विज्ञान, ऊर्जा और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग चर्चा का मुख्य विषय रहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे साझा हित और एक-दूसरे की पूरक क्षमताएं सहयोग के लिए व्यापक संभावनाएं उपलब्ध कराती हैं। चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही फिर से बैठक किये जाने पर सहमति बनी।’’
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान वाले ‘जी4’ समूह के देशों के विदेश मंत्रियों ने भी न्यूयॉर्क में बैठक की और ‘‘ संशोधित बहुपक्षवाद की आवश्यकता तथा जवाबदेह और प्रभावी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनिवार्यता पर चर्चा की, जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाता हो।’’
जयशंकर ने कहा कि भारत ‘‘इस साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए’’ समूह के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के परिसर में नेपाल के अपने समकक्ष शिशिर खनाल के साथ भी चर्चा की।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने इस साल जून में दिल्ली में हुई हमारी पिछली बैठक के बाद द्विपक्षीय घटनाक्रम की समीक्षा की, जिनमें विकास साझेदारी और ऊर्जा सहयोग में हुई प्रगति भी शामिल है।’’
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘‘एक और व्यस्त दिन’’ का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, फिलीपीन की विदेश मामलों की सचिव मा. टेरेसा लाजारो और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल से मुलाकात की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा संकटों पर चर्चा की। ‘जी4’ साझेदारों के रूप में संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर हमारा सहयोग मजबूत बना हुआ है।’’
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश

Facebook


