जयशंकर ने की यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात

Ads

जयशंकर ने की यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात

  •  
  • Publish Date - July 15, 2026 / 11:34 AM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 11:34 AM IST

(तस्वीर के साथ)

ब्रसेल्स, 15 जुलाई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा से मुलाकात की और कहा कि वह दोनों पक्षों के बीच व्यापार एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने में उनके मार्गदर्शन को महत्व देते हैं।

जयशंकर भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की तीसरी बैठक में भाग लेने और ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ तथा बेल्जियम के अपने समकक्षों से बातचीत करने के लिए 14 से 15 जुलाई तक बेल्जियम की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। उनके साथ केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी हैं।

जयशंकर ने कोस्टा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने और मेरे सहयोगियों ने इस वर्ष की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद हमारी साझेदारी में हुई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया। व्यापार एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने में उनके मार्गदर्शन और आत्मीय भावनाओं को महत्व देता हूं।’’

भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन जनवरी में नयी दिल्ली में उस समय हुआ था जब कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में नयी दिल्ली आए थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय नेताओं की सह-अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता और नयी सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी संपन्न हुई थी।

इससे पहले जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि एवं यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास के साथ बैठक कर ब्रसेल्स की अपनी यात्रा की शुरुआत की।

दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री व्यापार के महत्व पर चर्चा की।

विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बनाने के लिए भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत की।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यूरोपीय संघ की विदेश और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि एवं यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास से मुलाकात के साथ ब्रसेल्स की अपनी यात्रा शुरू की। पश्चिम एशिया और वहां शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर सार्थक चर्चा हुई। सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार के महत्व पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।’’

कैलास ने कहा कि यह ‘‘यूरोपीय संघ-भारत संबंधों के लिए ऐतिहासिक वर्ष’’ है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह यूरोपीय संघ-भारत संबंधों के लिए ऐतिहासिक वर्ष है और व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा एवं रक्षा के क्षेत्रों में हमारा सहयोग गहरा हो रहा है। समुद्री सुरक्षा सहित हमारी साझेदारी को और आगे बढ़ाने के बारे में आज जयशंकर से बातचीत अच्छी रही।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें नौवहन की स्वतंत्रता की मिलकर रक्षा करनी चाहिए, खुली और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित रखना चाहिए तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उसके बाहर सुरक्षा बनाए रखने के लिए यूरोपीय संघ के ‘अटलांटा’ और ‘एस्पाइड्स’ (यूरोपीय संघ का रक्षात्मक नौसैनिक मिशन) अभियानों तथा भारतीय नौसेना के बीच सहयोग बढ़ाना चाहिए।’’

विदेश मंत्री ने फ्लैंडर्स के मंत्री-प्रमुख मथियास डिपेनडेल और मंत्री एनिक डी रिडर से भी मुलाकात की।

जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से बेल्जियम के साथ भारत के सहयोग की व्यापक संभावनाएं खुली हैं। हमने फ्लैंडर्स क्षेत्र के कारोबार और निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा की।’’

भाषा सिम्मी शोभना

शोभना