नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

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नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 08:48 AM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 08:48 AM IST

(सागर कुलकर्णी)

वॉशिंगटन, 15 जुलाई (भाषा) नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और रूस के दो अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव तथा अन्ना किकिना बुधवार तड़के (भारतीय समयानुसार) लगभग तीन घंटे की यात्रा के बाद सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस का अंतरिक्ष यान सोयुज एमएस-29 भारतीय समयानुसार रात आठ बजकर 17 मिनट पर बाइकोनूर से रवाना हुआ।

प्रक्षेपण के लगभग आठ मिनट बाद अंतरिक्ष यान अपनी प्रारंभिक कक्षा में पहुंचा और फिर करीब तीन घंटे की उड़ान के बाद भारतीय समयानुसार रात 11:52 बजे आईएसएस के प्रिचाल मॉड्यूल से सफलतापूर्वक जुड़ गया।

इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष यान और स्टेशन से जुड़े आवश्यक तकनीकी परीक्षण पूरे किए और फिर लगभग दो बजे हैच (प्रवेश द्वार) खोला गया।

नासा के अनुसार यह अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष उड़ान है, जबकि रूस के अंतरिक्षयात्रियों प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना की यह दूसरी अंतरिक्ष यात्रा है।

हैच खुलने से ठीक पहले आईएसएस से प्रसारित हो रहा वीडियो कुछ समय के लिए उपग्रहों का संपर्क टूटने के कारण बंद हो गया था। लगभग 12 मिनट बाद उपग्रहों के दोबारा संपर्क में आने पर प्रसारण फिर से शुरू हो गया।

अनिल मेनन के परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी और अंतरिक्ष यात्री अन्ना विल्हेम भी शामिल हैं, प्रक्षेपण के समय बाइकोनूर कॉस्मोड्रोम (कजाखस्तान में स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र) में मौजूद थे। नासा के प्रशासक जैरेड आइजैकमैन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

मेनन, दुब्रोव और किकिना के आईएसएस पहुंचने के पहले, नासा अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनो, तथा रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री सर्गेई कुद-स्वेर्चकोव, सर्गेई मिकायेव और आंद्रेई फेद्यायेव पहले से वहां थे।

तीन अंतरिक्ष यात्रियों का यह मिशन लगभग आठ महीने का होगा और उनकी पृथ्वी पर वापसी अप्रैल 2027 में निर्धारित है।

नासा के अनुसार, अनिल मेनन इस मिशन के दौरान ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी परीक्षण करेंगे, जो मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पृथ्वी पर जीवन को भी लाभ पहुंचाएंगे।

अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में यूक्रेनी और भारतीय मूल के प्रवासी माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ (इमरजेंसी मेडिसिन फिजिशियन) हैं और अमेरिकी ‘स्पेस फोर्स’ में कर्नल हैं।

भाषा शोभना सिम्मी

सिम्मी