अब्राहम समझौते में शामिल होना हमारी मूल विचारधारा के खिलाफ: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री

अब्राहम समझौते में शामिल होना हमारी मूल विचारधारा के खिलाफ: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री

अब्राहम समझौते में शामिल होना हमारी मूल विचारधारा के खिलाफ: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री
Modified Date: May 26, 2026 / 11:33 am IST
Published Date: May 26, 2026 11:33 am IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 26 मई (भाषा) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि वह इस्लामाबाद के अब्राहम समझौते में शामिल होकर इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने के पक्ष में नहीं हैं।

उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने को कहा था।

यह समझौता इजराइल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित करने को लेकर है।

सोमवार रात ‘समा टीवी’ पर एक साक्षात्कार के दौरान आसिफ ने कहा, ‘‘व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि हमें किसी ऐसे समझौते में शामिल होना चाहिए जो हमारी मूल विचारधारा के खिलाफ हो।’’

वार्ताकारों में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन पहले से ही इस समझौते के सदस्य हैं, और ट्रंप को सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्र और जॉर्डन के भी इस पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश लंबे समय से इस रुख पर कायम है कि 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी बनाकर स्वतंत्र फलस्तीनी राष्ट्र की स्थापना होने तक वह इज़राइल को मान्यता नहीं देगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि यह हमें स्वीकार नहीं है।’’

मंत्री ने विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, ‘‘आप उन लोगों के साथ कैसे बैठेंगे जिनके शब्द पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं किया जा सकता?’’

उन्होंने पाकिस्तान के पासपोर्ट का भी जिक्र किया, जिस पर लिखा है कि यह इजराइल की यात्रा के लिए वैध नहीं है।

आसिफ उन नेताओं में शामिल रहे हैं जो इजराइल के साथ संबंध सामान्य करने के किसी भी विचार का कड़ा विरोध करते हैं।

पिछले माह उन्होंने इजराइल को ‘‘मानवता के लिए अभिशाप’’ बताया था और उस पर क्षेत्र में नरसंहार करने का आरोप लगाया था।

भाषा

खारी मनीषा

मनीषा


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