केन्या: अमेरिकी नागरिकों के लिए बनाए गए इबोला पृथकवास केंद्र के बाहर हजारों युवाओं का प्रदर्शन

केन्या: अमेरिकी नागरिकों के लिए बनाए गए इबोला पृथकवास केंद्र के बाहर हजारों युवाओं का प्रदर्शन

केन्या: अमेरिकी नागरिकों के लिए बनाए गए इबोला पृथकवास केंद्र के बाहर हजारों युवाओं का प्रदर्शन
Modified Date: June 1, 2026 / 03:35 pm IST
Published Date: June 1, 2026 3:35 pm IST

नैरोबी, एक जून (एपी) केन्या के नानयुकी कस्बे में सोमवार को हजारों युवाओं ने इबोला वायरस संक्रमण की चपेट में आए अमेरिकी नागरिकों के लिए लाइकीपिया वायुसैनिक अड्डे पर पृथकवास केंद्र की स्थापना के खिलाफ प्रदर्शन किया।

ये विरोध-प्रदर्शन ऐसे समय हुए, जब केन्या के उच्च न्यायालय ने दो दिन पहले लॉ सोसायटी ऑफ केन्या और एक संवैधानिक निगरानी संस्था की ओर से दायर मामले की सुनवाई लंबित रहने तक इस पृथकवास केंद्र की स्थापना और किसी भी विदेशी मरीज के आगमन पर रोक लगा दी थी।

दोनों संस्थाओं ने इबोला से संक्रमित विदेशी नागरिकों को केन्या में पृथकवास में रखने का यह कहते हुए विरोध किया है कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली बेहद कमजोर है।

अमेरिकी अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया था कि वाशिंगटन विदेश में इबोला वायरस संक्रमण की चपेट में आए अमेरिकी नागरिकों को स्वदेश लाने के बजाय केन्या में एक पृथकवास केंद्र में भेजने की योजना बना रहा है।

अधिकारियों ने बताया था कि लाइकीपिया वायुसैनिक अड्डे पर स्थापित इस केंद्र में 50 बिस्तर होंगे और यह शुक्रवार से मरीजों के लिए उपलब्ध होगा।

सोमवार को हजारों युवाओं ने नारे लगाते हुए वायुसैनिक अड्डे के द्वार तक मार्च किया।

स्वास्थ्य मंत्री एडेन डुएल ने रविवार को सफाई दी थी कि यह पृथकवास केंद्र “सभी के लिए” है, न कि सिर्फ अमेरिकी नागरिकों के लिए।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक बयान में कहा कि ट्रंप प्रशासन का इरादा इबोला वायरस के प्रकोप से निपटने की तैयारियों के लिए केन्या को 1.35 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने का है।

एपी पारुल अविनाश

अविनाश


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