खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में है: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री
Modified Date: February 21, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: February 21, 2026 7:55 pm IST

इस्लामाबाद, 21 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने चेतावनी दी है कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा हाल में घोषित ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ असंवैधानिक व अवैध है और उन्होंने आशंका जताई कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेता की कुर्सी खतरे में है।

उनकी यह टिप्पणी उस घोषणा के कुछ दिन बाद आई है, जिसमें अफरीदी ने अगस्त 2023 से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री एवं पीटीआई संस्थापक इमरान खान की रिहाई के लिए यह फोर्स बनाने की बात कही थी।

आसिफ ने शुक्रवार को समाचार चैनल ‘समा न्यूज’ से कहा, “मुझे लगता है उनकी (खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री की) कुर्सी खतरे में है और ऐसे बयानों के जरिए वे अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं।”

उन्होंने ‘जियो न्यूज’ से बातचीत में कहा, “संघीय सरकार के अलावा किसी को भी कोई बल गठित करने का अधिकार नहीं है।”

रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘पीटीआई’ संस्थापक को विदेश या इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित उनके आवास बानी गाला भेजने को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई।

उन्होंने कहा, “शायद सुविधाओं को लेकर कुछ संपर्क हुए हों…। कुछ लोग ऐसी बातों से अपना राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रहे हैं।”

पीटीआई और बहुदलीय विपक्षी गठबंधन तहरीक तहफ्फुज-ए-आईन पाकिस्तान (टीटीएपी) के सांसदों द्वारा इस्लामाबाद में संसद परिसर में कई दिनों से आयोजित किया जा रहा धरना समाप्त करने के बाद 18 फरवरी को अफरीदी ने यह फोर्स बनाने की घोषणा की थी।

उच्चतम न्यायालय के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा था कि जेल में बंद पीटीआई संस्थापक ने उन्हें “जन आंदोलन” का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

‘जियो न्यूज’ की खबर के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि अदालती आदेशों को “पूरी तरह अनदेखा किया जा रहा है” और दावा किया कि खान को अब भी उनके निजी चिकित्सकों से मिलने नहीं दिया जा रहा।

क्रिकेटर से नेता बने 73 वर्षीय खान पांच अगस्त 2023 से जेल में हैं और भ्रष्टाचार के कई मामलों का सामना कर रहे हैं। उन्हें एक मामले में दोषी ठहराते हुए 14 वर्ष की सजा सुनाई गई है, जबकि 12 से अधिक मामले अदालतों में लंबित हैं।

टीटीएपी ने 13 फरवरी को शुरू किया गया धरना 18 फरवरी को खान के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए समाप्त कर दिया।

भाषा खारी वैभव

वैभव


लेखक के बारे में