भारतीय जवानों की मदद से हाइफा की मुक्ति इतिहास का अभिन्न अंग: इजराइली शहर की उप महापौर

भारतीय जवानों की मदद से हाइफा की मुक्ति इतिहास का अभिन्न अंग: इजराइली शहर की उप महापौर

भारतीय जवानों की मदद से हाइफा की मुक्ति इतिहास का अभिन्न अंग: इजराइली शहर की उप महापौर
Modified Date: September 16, 2026 / 10:04 pm IST
Published Date: September 16, 2026 10:04 pm IST

(हरेंद्र मिश्रा)

हाइफा (इजराइल), 16 सितंबर (भाषा) इजराइल के उत्तरी तटीय शहर हाइफा ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऑटोमन साम्राज्य की सेना के कब्जे से शहर को आजाद कराने वाले भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को याद किया। इस अवसर पर यहां की उप महापौर सरित गोलान-स्टेनबर्ग ने कहा कि भारतीय वीरों का ‘साहस और बलिदान’ इस शहर के इतिहास का एक अभिन्न अंग है।

हाइफा नगरपालिका ने भारतीय दूतावास के सहयोग से वार्षिक ‘हाइफा दिवस’ स्मरणोत्सव का आयोजन किया, जिसमें 23 सितंबर 1918 को हुए ‘हाइफा के युद्ध’ में भारतीय घुड़सवार रेजीमेंट द्वारा निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया गया।

गोलान-स्टेनबर्ग ने कहा, ‘हाइफा भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को नहीं भूला है। उनकी कहानी हाइफा के इतिहास का एक अभिन्न अंग है और भारत तथा हाइफा के बीच गहरे संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है।’

युवा पीढ़ी को इस ऐतिहासिक घटना से अवगत कराने के प्रयासों के तहत ‘इरोनी गिमेल’ स्कूल के छात्रों ने इस समारोह में भाग लिया और हाइफा के युद्ध, भारतीय सैनिकों की भूमिका तथा भारत-इजराइल के बीच अटूट संबंधों के बारे में जाना।

नगरपालिका ने भारतीय सैनिकों द्वारा शहर की मुक्ति की इस गाथा को स्कूली इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में भी शामिल किया है। इसके अलावा, छात्रों को इतिहास से अवगत कराने के लिए स्कूलों में व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि इस पुरानी गलतफहमी को दूर किया जा सके कि शहर को अंग्रेजों ने आजाद कराया था।

हाइफा में अब तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को पाठ्यपुस्तकों के जरिए यह इतिहास पढ़ाया जा रहा है। वहीं, ‘हाइफा हिस्टोरिकल सोसाइटी’ पिछले एक दशक से स्कूलों में जाकर बच्चों को भारतीय सैनिकों की भूमिका के बारे में जानकारी दे रही है।

इस बीच, इजराइल में भारत के राजदूत जे. पी. सिंह ने हाइफा कब्रिस्तान जाकर शहीद सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने ‘हाइफा के नायक’ के रूप में लोकप्रिय मेजर ठाकुर दलपत सिंह के अदम्य साहस को याद करते हुए कहा कि हाइफा का युद्ध ‘भारत और इजराइल के साझे इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।’

मेजर दलपत सिंह को उनकी वीरता के लिए ‘मिलिट्री क्रॉस’ से सम्मानित किया गया था।

भाषा सुमित पवनेश

पवनेश


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