केन्या में आयोजित अफ्रीका शिखर सम्मेलन में चर्चा में हस्तक्षेप से मैक्रों की हो रही आलोचना

केन्या में आयोजित अफ्रीका शिखर सम्मेलन में चर्चा में हस्तक्षेप से मैक्रों की हो रही आलोचना

केन्या में आयोजित अफ्रीका शिखर सम्मेलन में चर्चा में हस्तक्षेप से मैक्रों की हो रही आलोचना
Modified Date: May 13, 2026 / 03:58 pm IST
Published Date: May 13, 2026 3:58 pm IST

दकार (सेनेगल), 13 मई (एपी) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को केन्या में आयोजित ‘अफ्रीका फॉरवर्ड शिखर सम्मेलन’ में एक पैनल चर्चा को बाधित करने और दर्शकों से चुप रहने के लिए कहने के बाद आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

मैक्रों मंच पर गुस्से में पहुंच गए तथा श्रोताओं को फटकार लगाई एवं उनपर पैनल का ‘अनादर’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये श्रोता कलाकारों और युवा उद्यमियों द्वारा दी जा रही प्रस्तुति के दौरान वक्ताओं को बाधित कर रहे थे।

इससे पहले एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने खुद को ‘पूर्ण अफ्रीकावादी’ करार दिया था।

इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य महाद्वीप के लिए फ्रांस की नयी नीति को रेखांकित करना था। इसका उद्देश्य फ्रांस की एक पूर्व औपनिवेशिक शक्ति के रूप में प्रभुत्वशाली छवि को छोड़कर एक समान साझेदारी वाले मुल्क के रूप में स्थापित करना है।

मैक्रों ने मंगलवार को अफ्रीका में ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में 27 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की।

फांसीसी राष्ट्रपति का सोमवार को दिये गए तीखे भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो पर लोग अपनी मिलीजुली प्रतिक्रियाएं जाहिर कर रहे हैं। कुछ लोग जहां मैक्रों का उपहास उड़ा रहे हैं, वहीं कुछ प्रशंसा भी कर रहे हैं।

सम्मेलन कक्ष में शोर से स्पष्ट रूप से नाराज दिख रहे मैक्रों अचानक मंच पर आते हैं और वक्ता से माइक्रोफोन लेकर ‘शांति बनाये रखने को कहते हैं’।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अंग्रेजी में श्रोताओं को संबोधित करते हुए सत्र के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने के लिए उपस्थित लोगों की आलोचना की।

कुछ दर्शकों ने इस हस्तक्षेप की सराहना की, लेकिन मैक्रों को उनकी प्रतिक्रिया के लिए आलोचना का भी सामना करना पड़ा है।

सेनेगल की राजधानी दकार के एक विश्वविद्यालय में इतिहास के छात्र थिर्नो म्बाये ने कहा, ‘‘जरा सोचिए कि अगर कोई अफ्रीकी नेता अमेरिका या यूरोप में ऐसा ही करे तो क्या होगा।’’

उन्होंने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, ‘‘मैक्रों ने बच्चों को डांटने वाले स्कूल शिक्षक की तरह व्यवहार किया।’’

एपी धीरज सुरेश

सुरेश


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