माली के रक्षा मंत्री जिहादियों के हमले में मारे गए, विद्रोहियों का कई शहरों पर कब्जा

माली के रक्षा मंत्री जिहादियों के हमले में मारे गए, विद्रोहियों का कई शहरों पर कब्जा

माली के रक्षा मंत्री जिहादियों के हमले में मारे गए, विद्रोहियों का कई शहरों पर कब्जा
Modified Date: April 27, 2026 / 10:23 am IST
Published Date: April 27, 2026 10:23 am IST

डाकार (सेनेगल), 27 अप्रैल (एपी) माली में जिहादियों और विद्रोहियों के एक बड़े और सुनियोजित हमले में देश के रक्षा मंत्री जनरल सादियो कमारा की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

विद्रोहियों ने कई शहरों और सैन्य अड्डों पर कब्जा कर लिया।

यह जुंटा के शासन वाले इस देश में हिंसा की ताजा घटना है। माली लंबे समय से अल-कायदा और इस्लामी स्टेट से जुड़े आतंकवादियों के साथ-साथ उत्तर में अलगाववादी विद्रोह से जूझ रहा है।

माली सरकार ने रक्षा मंत्रालय के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट करके रक्षा मंत्री के मारे जाने की पुष्टि की और उनके परिवार के प्रति संवेदना जतायी।

शनिवार को माली की राजधानी बमाको और कई अन्य शहरों पर एक साथ हमला हुआ जो देश की सेना पर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक था। इस हमले ने माली के सुरक्षा साझेदार रूस को भी चुनौती दी, जिसके सैनिक इस पश्चिम अफ्रीकी देश में तैनात हैं।

सरकार ने शनिवार के हमलों में मारे गए लोगों की संख्या अभी तक नहीं बताई है। पहले केवल यह कहा गया था कि कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं। सरकार ने इसे आतंकी हमला करार दिया है।

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, शनिवार को कमारा के आवास को एक आत्मघाती कार बम हमलावर और अन्य हमलावरों ने निशाना बनाया।

बयान में कहा गया, ‘‘उन्होंने हमलावरों से लोहा लिया और उनमें से कुछ को मार गिराया। लेकिन भीषण हमले में वह घायल हो गए और जब उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था तो रास्ते में ही दम तोड़ दिया।’’

अलगाववादी तुआरेग नीत अजावाद लिबरेशन फ्रंट के एक प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार के हमले के बाद रूसी अफ्रीका कोर के सैनिक और माली की सेना किदाल शहर से हट गई और यह वापसी शांतिपूर्ण निकासी के एक समझौते के तहत हुई।

इसके प्रवक्ता मोहम्मद अल मौलूद रमजान ने ऐलान किया, ‘‘किदाल आजाद हो गया है।’’

रविवार देर रात सरकारी टेलीविजन पर जारी एक बयान में सशस्त्र बलों के प्रमुख जनरल उमर डियारा ने माना कि माली की सेना शहर छोड़ चुकी है और अब उसके दस्ते किदाल से करीब 100 किलोमीटर दक्षिण में स्थित शहर अनेफिस में तैनात हो रहे हैं।

अलगाववादी वर्षों से उत्तरी माली में एक स्वतंत्र राज्य बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

किदाल लंबे समय तक इस विद्रोह का गढ़ रहा था, लेकिन 2023 में माली की सेना और रूसी के सैनिकों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया था। उस वक्त यह जुंटा और उसके रूसी साझेदारों के लिए एक बड़ी और प्रतीकात्मक जीत मानी गई थी।

एपी खारी अमित

अमित


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