जेएएसी के आह्वान के बाद पीओके में बाजार बंद, सड़कों से वाहन नदारद

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जेएएसी के आह्वान के बाद पीओके में बाजार बंद, सड़कों से वाहन नदारद

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 10:51 AM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 10:51 AM IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 10 जून (भाषा) पाकिस्तान में ‘ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (जेएएसी) के विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के अलग-अलग हिस्सों में दुकानें और बाज़ार बंद रहे। इस बीच क्षेत्र में हाल में पुलिस की कार्रवाई में 20 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है।

जेएएसी आटे और बिजली की कीमत में सब्सिडी दिए जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। वह लंबे समय से पीओके की तथाकथित विधानसभा में 12 ‘शरणार्थी सीटों’ को खत्म करने की मांग भी कर रही है।

बीबीसी उर्दू की खबर के मुताबिक, जेएएसी से जुड़े करीब 2,000 प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को भीमबर से विरोध मार्च शुरू किया और वे मुज़फ़्फ़राबाद की आगे की यात्रा के लिए मीरपुर पहुंचेंगे।

इसमें यह भी कहा गया कि कुछ प्रदर्शनकारी रावलकोट पहुंचेंगे और फिर मुज़फ़्फ़राबाद जाएंगे। पुलिस और सुरक्षाबलों के जवान सड़कों और दूसरे इलाकों में गश्त कर रहे हैं।

अधिकारियों ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को जेएएसी को गैरकानूनी घोषित कर दिया था।

‘डॉन’ अखबार की खबर के मुताबिक, मुज़फ़्फ़राबाद की सड़कें सुनसान हैं, सड़कों पर मुश्किल से ही कोई गाड़ी दिख रही है।

इसमें यह भी कहा गया कि शहर में दंगा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं। हालांकि, शहर में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ।

खबर में बताया गया कि पीओके के एक और बड़े शहर मीरपुर के कायदे-ए-आज़म स्टेडियम में सैकड़ों लोग एकत्र हुए।

स्थानीय पत्रकार सज्जाद जर्राल ने टेलीफोन पर ‘डॉन’ से कहा, “यहां दुकानें बंद हैं, और सड़कों से वाहन नदारद हैं।”

जेएएसी के प्रमुख सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता अमजद अली खान की कथित गिरफ्तारी के विरोध में बार काउंसिल के आह्वान पर पीओके के वकीलों ने न्यायिक कार्यवाही का बहिष्कार किया।

पाकिस्तान की मानवाधिकार संस्था ने सोमवार को कहा कि वह पीओके में हिंसक झड़पों से बहुत चिंतित है।

इस बीच, पीओके के तथाकथित प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने पिछले कुछ दिन से इलाके में फैले तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत फिर शुरू करने की अपील की।

जेएएसी लंबे समय से पीओके की तथाकथित विधानसभा में 12 ‘शरणार्थी सीटों’ को खत्म करने की मांग कर रही है। ये सीट कश्मीर से आए उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो 1947 के बाद पाकिस्तान में बस गए थे।

भाषा वैभव नेत्रपाल

नेत्रपाल