नेपाल कैबिनेट ने ‘जेन जेड’ आंदोलन से जुड़े जांच आयोग की सिफारिशें लागू करने का फैसला किया

नेपाल कैबिनेट ने ‘जेन जेड’ आंदोलन से जुड़े जांच आयोग की सिफारिशें लागू करने का फैसला किया

नेपाल कैबिनेट ने ‘जेन जेड’ आंदोलन से जुड़े जांच आयोग की सिफारिशें लागू करने का फैसला किया
Modified Date: March 27, 2026 / 09:33 pm IST
Published Date: March 27, 2026 9:33 pm IST

(शिरीष बी. प्रधान)

काठमांडू, 27 मार्च (भाषा) नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई नवगठित मंत्रिमंडल की बैठक में पिछले साल सितंबर में हुए ‘जेन जेड’ आंदोलन की जांच के लिए बने उच्चस्तरीय आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला लिया गया।

मंत्रिमंडल ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सस्मिता पोखरेल को सरकार का प्रवक्ता नियुक्त करने का भी फैसला लिया।

बैठक के बाद प्रवक्ता पोखरेल ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट ने पिछले साल के ‘जेन जेड’ आंदोलन से जुड़ी जांच रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया है।

जांच आयोग ने सिफारिश की है कि उस समय के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक समेत कई अधिकारियों को उच्च पद पर आसीन होने के बावजूद लापरवाही बरतने के लिए अधिकतम 10 साल की सजा दी जाए।

पोखरेल ने बताया कि आयोग के प्रमुख गौरी बहादुर कार्की की अगुवाई में बनी जांच समिति ने सुरक्षा अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जो सिफारिशें दी गई हैं, उन पर गौर करने के लिए एक टीम बनाई जाएगी।

हालांकि, अन्य मामलों में आयोग की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाएगा।

जांच आयोग ने नेपाल पुलिस के तत्कालीन महानिरीक्षक चंद्र कुबर खापुंग समेत कई अन्य उच्चाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की है।

इससे पहले प्रधानमंत्री बालेन ने कैबिनेट में फेरबदल करते हुए कई मंत्रालयों को आपस में मिला दिया, ताकि सरकारी कामकाज आसान हो और तालमेल बेहतर बनाया जा सके।

‘बालेन’ के नाम से मशहूर शाह ने रक्षा, उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय अपने पास ही रखे। 14 मंत्रियों ने राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में आयोजित विशेष समारोह में शपथ ली।

राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, पदक्रम में वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले दूसरे स्थान पर हैं, जबकि गृह मंत्री सूदन गुरुंग तीसरे स्थान पर हैं।

युवा और खेल मंत्रालय को शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में मिला दिया गया, जिसकी जिम्मेदारी सस्मिता पोखरेल को दी गई है।

पेयजल मंत्रालय को स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय में शामिल कर दिया गया, जिसका नेतृत्व निशा मेहता कर रही हैं।

भूमि प्रबंधन, सहकारिता और गरीबी उन्मूलन मंत्रालय को संघीय मामलों और सामान्य प्रशासन मंत्रालय में मिला दिया गया, जिसका नेतृत्व प्रतिभा रावल कर रही हैं।

वन और पर्यावरण मंत्रालय को खत्म करके कृषि मंत्रालय में मिला दिया गया, जिसका नेतृत्व गीता चौधरी कर रही हैं।

इससे पहले केपी शर्मा ओली के नेतृत्व में जुलाई 2024 तक 25 मंत्रियों का मंत्रिमंडल था। उनके पद से हटने के बाद, 9 से 12 सितंबर 2024 के बीच हुए हिंसक ‘जेन जेड’ आंदोलन के बाद सुशीला कार्की के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार में 15 मंत्री थे।

नेपाल के 2015 में लागू संविधान के अनुसार, अनुच्छेद 76 के तहत मंत्रिपरिषद के सदस्यों की संख्या 25 तक सीमित है।

भाषा जोहेब नेत्रपाल

नेत्रपाल


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