सत्ता की साझेदारी पर सहमति नहीं बनने से मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पाए नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड

सत्ता की साझेदारी पर सहमति नहीं बनने से मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पाए नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड

सत्ता की साझेदारी पर सहमति नहीं बनने से मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पाए नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड
Modified Date: March 5, 2024 / 11:36 pm IST
Published Date: March 5, 2024 11:36 pm IST

(शिरीष बी. प्रधान)

काठमांडू, पांच मार्च (भाषा) नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ और सहयोगियों के बीच मंगलवार को सत्ता साझा करने के समझौते पर सहमति नहीं बन पाई और इस बारे में हुई बातचीत बेनतीजा रही। ऐसे में नेपाली कांग्रेस के साथ गठबंधन समाप्त करने के उनके नाटकीय कदम के बाद उनकी सरकार की स्थिरता के बारे में अटकलें तेज हो गईं।

प्रचंड ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाले दूसरी सबसे बड़े दल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के साथ एक नया गठबंधन बनाया, जिसके बाद तीन मंत्रियों ने पद की शपथ ली।

सोमवार को नया गठबंधन बनाने के बाद चारों राजनीतिक दल आठ सूत्रीय समझौते पर पहुंचे जो नयी सरकार के आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत होगा।

समझौते के अनुसार, चार दल नेशनल असेंबली अध्यक्ष के चुनाव में माओवादी सेंटर के उम्मीदवार का समर्थन करने पर सहमत हुए हैं जबकि वे उपाध्यक्ष के लिए यूएमएल उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।

सरकार के प्रदर्शन को निर्देशित करने के लिए एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम की तैयारी भी आठ सूत्रीय समझौते में शामिल है।

सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों के बीच सत्ता-साझा करने पर समझौता नहीं हो सका इसलिए प्रधानमंत्री ‘प्रचंड’ नयी गठबंधन सरकार के गठन के 24 घंटे बाद भी कैबिनेट सदस्यों को विभाग वितरित करने में विफल रहे।

सीपीएन-यूएमएल के केंद्रीय सदस्य बिष्णु रिजाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “कैबिनेट विस्तार बुधवार तक पूरा होने की उम्मीद है क्योंकि गठबंधन के सदस्यों के बीच मंगलवार शाम तक चर्चा जारी थी।”

सत्ता साझेदारी समझौते और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर प्रधानमंत्री प्रचंड, यूएमएल अध्यक्ष ओली, जनता समाजवादी पार्टी प्रमुख उपेंद्र यादव और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के बीच हुई बातचीत बेनतीजा समाप्त हो गई।

भाषा प्रशांत जोहेब

जोहेब


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