नेपाल का अन्य देशों से आग्रह: यात्रा संबंधी परामर्श को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक रखा जाए सीमित

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नेपाल का अन्य देशों से आग्रह: यात्रा संबंधी परामर्श को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक रखा जाए सीमित

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 06:48 PM IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, छह सितंबर (भाषा) नेपाल ने मित्र देशों से आग्रह किया है कि वे यात्रा परामर्श को केवल बाढ़ प्रभावित विशिष्ट क्षेत्रों तक ही सीमित रखें। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया कि देश का शेष हिस्सा यात्रा एवं पर्यटन के लिए खुला और सुरक्षित है।

विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि वह (मंत्रालय) और विदेश में नेपाल के मिशन इस मुद्दे पर मित्र देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

यह अनुरोध ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका ने 4 सितंबर को नेपाल के लिए एक यात्रा परामर्श जारी किया, जिसमें प्राकृतिक आपदाओं के कारण नेपाल को ‘लेवल 2’ यानी ‘‘अधिक सावधानी बरतने’’ की श्रेणी में रखा गया।

अमेरिका द्वारा जारी यात्रा परामर्श में, रसुवा जिले के रसुवागढ़ी-तिमुरे-स्याफ्रुबेसी इलाका (जिसमें नेपाल-चीन बॉर्डर क्रॉसिंग भी शामिल है) को ‘लेवल 4’ यानी ‘‘यात्रा न करें’’ की श्रेणी में रखा गया है। ऐसा बाढ़ से हुए नुकसान, परिवहन और संचार में रुकावट, जारी खोज-बचाव अभियान तथा फिर से बाढ़ व भूस्खलन आने के जोखिम के कारण किया गया है।

परामर्श में कहा गया है, ‘‘नेपाल में अक्सर भूकंप और बाढ़ आने तथा चट्टानें खिसकने की घटनाएं होती रहती हैं। भूकंप काठमांडू घाटी सहित अन्य इलाकों में अचानक आ सकते हैं।’’

साथ ही, विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में रिपोर्टिंग करने के इच्छुक विदेशी पत्रकारों को सूचना और प्रसारण विभाग की ऑनलाइन सेवा के जरिए प्रेस मान्यता लेना जरूरी है।

मंत्रालय ने कहा कि इसकी जरूरत बचाव कार्यों, अस्थिर भू-भाग, भूस्खलन के खतरे और हेलीकॉप्टर परिचालन से जुड़े जोखिम को देखते हुए है।

इस बीच, मंत्रालय ने चीनी अधिकारियों के साथ मिलकर बाढ़ के बाद चीन की तरफ फंसे 431 नेपाली नागरिकों की वापसी में मदद की। मंत्रालय ने बताया कि वे तातोपानी सीमा से लौटे, जबकि 105 और लोगों के वहां से लौटने की उम्मीद थी।

भाषा सुभाष दिलीप

दिलीप