स्पेन में क्रूज जहाज के यात्री में हंटा वायरस का नया मामला, संक्रमितों की संख्या नौ हुई

स्पेन में क्रूज जहाज के यात्री में हंटा वायरस का नया मामला, संक्रमितों की संख्या नौ हुई

स्पेन में क्रूज जहाज के यात्री में हंटा वायरस का नया मामला, संक्रमितों की संख्या नौ हुई
Modified Date: May 12, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: May 12, 2026 10:35 pm IST

द हेग, 12 मई (एपी) हंटा वायरस की वजह से सुर्खियों में आए क्रूज जहाज से निकाले गए स्पेन के एक यात्री के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह घोषणा की।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक नौ मामलों की पुष्टि हुई है। क्रूज पर तीन लोगों की मौत हो गई है।

हंटा वायरस से संक्रमित यह यात्री मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में पृथकवास में है जहां 13 अन्य स्पेनिश नागरिक भी पृथकवास में हैं। इन सभी 13 लोगों की वायरस जांच रिपोर्ट ‘निगेटिव’ आई है।

सभी यात्रियों और चालक दल के कई सदस्यों को सुरक्षित उतार लिये जाने के बाद, एमवी होंडियस जहाज अब नीदरलैंड वापस लौट रहा है, जहां इसकी सफाई की जाएगी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने मैड्रिड में कहा कि 11 पुष्ट मामलों में से सभी ‘एमवी होंडियस क्रूज’ जहाज के यात्री या चालक दल के सदस्य हैं। नौ मामलों की पुष्टि ‘एंडीज वायरस’ के रूप में हुई है। हंटा वायरस के दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं, लेकिन उनकी पुष्टि नहीं हुई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ने कहा, ‘कई देशों की सरकारों और साझेदारों के प्रयासों के कारण पिछले सप्ताह इन आंकड़ों में मामूली बदलाव आया है।’

उन्होंने कहा, ‘फिलहाल, ऐसा कोई संकेत नहीं है कि हम किसी बड़े प्रकोप की शुरुआत देख रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से स्थिति बदल सकती है और वायरस के संक्रमण के बाद लक्षण दिखने तक का समय लंबा होने के मद्देनजर, यह संभव है कि आने वाले हफ्तों में हमें और अधिक मामले देखने को मिलें।’

इस बीच, नीदरलैंड के एक अस्पताल में हंटा वायरस के एक मरीज का इलाज जारी है। इसी अस्पताल में 12 कर्मचारियों को पृथकवास में रहने के लिए कहा गया है।

प्रभावित जहाज से निकाली गई एक फ्रांसीसी महिला पेरिस के एक अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई में है।

हालांकि हंटा वायरस का कोई इलाज या टीका नहीं है, लेकिन डब्ल्यूएचओ का कहना है कि शुरुआती पहचान और उपचार से मरीज के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है।

एपी अमित पवनेश

पवनेश


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