ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन संबंधों में निरंतरता रहने की उम्मीद: विशेषज्ञ

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ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के कार्यकाल में भारत-ब्रिटेन संबंधों में निरंतरता रहने की उम्मीद: विशेषज्ञ

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 12:57 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 12:57 PM IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 19 जुलाई (भाषा) रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे एंडी बर्नहैम के नेतृत्व में भारत-ब्रिटेन की रणनीतिक साझेदारी मजबूत बनी रहेगी।

एंडी बर्नहैम (56) शुक्रवार को लेबर पार्टी के निर्विरोध नेता चुने गए। वह सोमवार को औपचारिक सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केअर स्टार्मर की जगह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे।

हालांकि बर्नहैम ने शासन में कई बदलावों का संकेत दिया है, लेकिन विदेश नीति के मामले में भारत के साथ संबंधों में निरंतरता बनाए रखने की उम्मीद जताई जा रही है।

मैनचेस्टर में भारत की महावाणिज्यदूत विशाखा यदुवंशी ने ‘पीटीआई’ से बातचीत में कहा, ‘‘पिछले एक वर्ष के दौरान ग्रेटर मैनचेस्टर प्रशासन, विशेष रूप से एंडी बर्नहैम के साथ हमारा बेहद सकारात्मक सहयोग रहा है। उनके उत्साह और गर्मजोशी भरे समर्थन ने भारत और उत्तरी इंग्लैंड के बीच संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’

ब्रिटेन में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास की पहली प्रमुख के रूप में यदुवंशी ने मार्च 2025 में मैनचेस्टर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की स्थापना को एक ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘बर्नहैम की 2019 की भारत यात्रा, दिसंबर 2025 में तत्कालीन भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी से मुलाकात तथा मार्च 2026 में इंडिया-नॉर्थ इंग्लैंड ऑपर्च्युनिटी समिट में उनकी वर्चुअल भागीदारी इस साझेदारी के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।’’

बर्नहैम ने भी सात वर्ष पहले मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली की अपनी यात्रा को सुखद बताया था। यह यात्रा ‘मैनचेस्टर इंडिया पार्टनरशिप’ के तहत आयोजित की गई थी, जो व्यवसायों और विश्वविद्यालयों को भारत से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई गई संस्था है।

उन्होंने उस समय कहा था, ‘‘ग्रेटर मैनचेस्टर की अंतरराष्ट्रीय रणनीति में भारत एक प्रमुख बाजार है। यहां दोनों पक्षों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं और ग्रेटर मैनचेस्टर भारत की आर्थिक विकास योजनाओं में भी सहयोग कर रहा है।’’

‘लेबर फ्रेंड्स ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा,‘‘ एंडी बर्नहैम यह अच्छी तरह समझते हैं कि विकास दीर्घकालिक संबंधों से आता है। मैनचेस्टर में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने व्यापार, विश्वविद्यालयों, नवाचार और भारत-मैनचेस्टर सीधी उड़ान जैसी पहलों के माध्यम से भारत के साथ संबंध मजबूत किए हैं।’’

लंदन के पूर्व उप महापौर रहे बर्नहैम के साथ काम कर चुके अग्रवाल का मानना है कि बर्नहैम की विकेंद्रीकरण की नीति भारत की संघीय व्यवस्था के साथ अच्छी तरह मेल खाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘वह विकेंद्रीकरण में विश्वास रखते हैं और विभिन्न क्षेत्रों को अधिक अधिकार देने के समर्थक हैं और भारत भी एक संघीय व्यवस्था वाला देश है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि वह भारत के विभिन्न राज्यों की सरकारों के साथ भी अधिक संवाद बढ़ाएंगे।’’

लंदन स्थित ‘इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ के दक्षिण एशिया मामलों के वरिष्ठ फेलो राहुल रॉय चौधरी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत-ब्रिटेन संबंध कभी इतने मजबूत नहीं रहे जितने अब हैं। पिछले वर्ष दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की पारस्परिक यात्राओं और इस सप्ताह सीईटीए लागू होने से यह संबंध और मजबूत हुए हैं।

भाषा शोभना रंजन

रंजन