ट्रंप से बहस करने में कोई रूचि नहीं, लेकिन शांति का संदेश देता रहूंगा : पोप

ट्रंप से बहस करने में कोई रूचि नहीं, लेकिन शांति का संदेश देता रहूंगा : पोप

ट्रंप से बहस करने में कोई रूचि नहीं, लेकिन शांति का संदेश देता रहूंगा : पोप
Modified Date: April 18, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: April 18, 2026 8:46 pm IST

पोप के विशेष विमान से, 18 अप्रैल (एपी) पोप लियो 14वें ने शनिवार को कहा कि वह ईरान युद्ध के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बहस करने के कतई इच्छुक नहीं हैं, हालांकि वह शांति का संदेश देना जारी रखेंगे।

कैमरून से अंगोला की यात्रा के दौरान पोप ने अपने विशेष विमान में पत्रकारों से यह बात कही।

पोप ने ट्रंप द्वारा की गई आलोचना का जिक्र करते हुए कहा कि उनका शांति का संदेश खासतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को ध्यान में रखकर नहीं दिया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘एक खास तरह का विमर्श है, जो अपने सभी पहलुओं में सटीक नहीं बैठता है, लेकिन उत्पन्न राजनीतिक स्थिति के कारण अमेरिका के राष्ट्रपति ने मेरे बारे में कुछ टिप्पणियां कीं।’’

ट्रंप ने 12 अप्रैल की रात को ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोप की आलोचना की। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच संघर्ष के तेज होने पर पोप लियो 14वें द्वारा दिए गए शांति के संदेशों की आलोचना करने के लिए ट्रंप ने सोशल मीडिया का सहारा लिया था।

ट्रंप ने पोप लियो पर अपराध के प्रति नरम रुख अपनाने और वामपंथियों के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया था।

पोप लियो ने लगातार शांति और संवाद की अपील की है और युद्ध के लिए धार्मिक औचित्य के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। विशेष रूप से, उन्होंने ईरानी सभ्यता को नष्ट करने की ट्रंप की धमकी को ‘‘बिल्कुल अस्वीकार्य’’ बताया है।

पोप लियो 14वें ने कहा कि उनके वे बयान, जिनमें उन्होंने युद्ध और शोषण से पृथ्वी को तबाह करने वाले ‘‘मुट्ठी भर तानाशाहों’’ की कड़ी निंदा की थी, ट्रंप द्वारा आलोचना किए जाने से दो सप्ताह पहले लिखे गए थे।

एपी

शफीक दिलीप

दिलीप


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