सियोल, नौ अप्रैल (एपी) उत्तर कोरिया ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस सप्ताह किए गए हथियार परीक्षणों में विभिन्न नई प्रणाली शामिल थीं, जिनमें ‘क्लस्टर-बम वॉरहेड’ से युक्त बैलिस्टिक मिसाइलें भी थीं।
उत्तर कोरिया का यह कदम दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपनी परमाणु-सक्षम क्षमताओं का विस्तार करने की दिशा में उठाया गया है।
उत्तर कोरिया की आधिकारिक केसीएनए समाचार एजेंसी के अनुसार, सोमवार से शुरू हुए तीन दिवसीय परीक्षणों में वायु रक्षा हथियार, कथित विद्युत चुंबकीय हथियार प्रणाली और कार्बन-फाइबर बमों का प्रदर्शन भी शामिल था।
दक्षिण कोरिया की संयुक्त रक्षा प्रमुख ने कहा कि बुधवार को लॉन्च की गई मिसाइलें 240 से 700 किमी की दूरी तय कर समुद्र में गिरीं।
केसीएनए ने बताया कि परीक्षणों में ह्वासोंग-11 बैलिस्टिक मिसाइलों पर क्लस्टर-बम वॉरहेड सिस्टम का प्रदर्शन भी शामिल था, जो रूस की इस्कंदर मिसाइलों जैसे डिजाइन वाले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस मिसाइल से 6.5-7 हेक्टेयर क्षेत्र में “उच्चतम घनत्व की शक्ति” के साथ लक्ष्य नष्ट किया जा सकता है।
दक्षिण कोरिया के सैन्य प्रवक्ता जांग दो-यंग ने कहा कि सैन्य अधिकारी प्रक्षेपण का विश्लेषण कर रहे हैं और अमेरिका और जापान के अपने समकक्षों के साथ जानकारी साझा कर रहे हैं। उन्होंने उत्तर कोरिया के सैन्य क्षमता दावों पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।
प्योंगयांग के विदेश मंत्रालय के प्रथम उप-मंत्री जांग कम चोल ने मंगलवार रात कहा कि दक्षिण कोरिया हमेशा उत्तर का “सबसे शत्रुतापूर्ण विरोधी देश” रहेगा।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने 2019 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ परमाणु वार्ता विफल होने के बाद सियोल और वॉशिंगटन के साथ लगभग सभी कूटनीतिक गतिविधियां एक तरह से रोक दीं और एशियाई अमेरिकी सहयोगियों और अमेरिका को निशाना बनाने वाली परमाणु-सक्षम मिसाइलों के विकास को तेज कर दिया।
उत्तर कोरिया और चीन के बीच कूटनीति के नवीनतम दौर में, चीनी विदेश मंत्री वांग यी बृहस्पतिवार को दो-दिवसीय दौरे पर उत्तर कोरिया पहुंच रहे हैं।
एपी मनीषा वैभव
वैभव