खाड़ी देशों से 20,000 से अधिक पाकिस्तानियों को सुरक्षा कारणों से निर्वासित किया गया
खाड़ी देशों से 20,000 से अधिक पाकिस्तानियों को सुरक्षा कारणों से निर्वासित किया गया
(एम जुल्करनैन)
लाहौर, 21 अगस्त (भाषा) अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध के बीच खाड़ी देशों से हाल के महीनों में 20,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को सुरक्षा कारणों समेत विभिन्न वजहों से निर्वासित किया गया है जिनमें से अधिकांश सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे थे। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
पाकिस्तानी संसद के एक सदन (नेशनल असेंबली) में बृहस्पतिवार को पेश किए गए स्वापक नियंत्रण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कई पाकिस्तानी नागरिकों को शहरों पर ईरानी हमलों से संबंधित वीडियो या अन्य सामग्री तैयार करने अथवा उसे ऑनलाइन अपलोड करने के आरोप में हिरासत में लिया गया या निर्वासित किया गया।
मंत्रालय ने बताया कि एक मार्च से 13 जुलाई के बीच खाड़ी सहयोग परिषद के छह देशों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात) से पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित किया गया।
इन निर्वासनों के पीछे सुरक्षा संबंधी चिंताएं, वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकना, अवैध रूप से प्रवेश करना, भीख मांगना, मादक पदार्थों से जुड़े अपराध, शरण के दावों का खारिज होना तथा जाली या अनुचित दस्तावेज जैसे कई कारण शामिल थे।
आंकड़ों के अनुसार, 4,628 फरार लोगों को निर्वासित किया गया जबकि 1,294 लोगों को जेल भेजा गया और 968 लोगों को काली सूची में डाला गया।
इसके अलावा, पासपोर्ट खोने से संबंधित निर्वासन के 1,155 मामले सामने आए, जबकि 689 पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा नियमों के उल्लंघन के कारण निर्वासित किया गया। वहीं, 342 मामलों में पाकिस्तानी नागरिकों को खाड़ी देशों में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब से सबसे अधिक 15,500 पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित किया गया। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से 3,803, ओमान से 1,606, बहरीन से 521, कतर से 429 और कुवैत से 97 पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित किया गया।
भाषा संतोष नरेश
नरेश

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