पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तनाव कम करने में भूमिका निभाने के चीन के दावे का समर्थन किया
पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान तनाव कम करने में भूमिका निभाने के चीन के दावे का समर्थन किया
(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, तीन जनवरी (भाषा) पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाने के चीन के दावे का समर्थन किया है। उसने चीन की पहल को अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा बताते हुए इसे “शांति के लिए कूटनीति” करार दिया है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि चीनी नेतृत्व लगातार पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ संपर्क में था और “उसने छह से 10 मई 2025 के बीच और शायद उससे पहले तथा बाद में भी भारतीय नेतृत्व के साथ कुछ बातचीत की थी।”
अंद्राबी की यह टिप्पणी चीनी विदेश मंत्री वांग यी के इस दावे के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में आई कि भारत-पाकिस्तान तनाव उन प्रमुख मुद्दों में शामिल था, जिनके समाधान के लिए चीन ने 2025 में “मध्यस्थता” की थी।
अंद्राबी ने कहा, “मेरा मानना है कि सकारात्मक राजनयिक आदान-प्रदान वाली इन वार्ताओं ने क्षेत्र में तनाव घटाने और शांति एवं सुरक्षा बहाल करने में अहम भूमिका निभाई। इसलिए मुझे पूरा यकीन है कि मध्यस्थता के सिलसिले में चीन का दावा बिल्कुल सही है।”
हालांकि, भारत ने बार-बार दोहराया है कि पिछले साल मई में पाकिस्तान के साथ छिड़ा संघर्ष दोनों देशों की सेनाओं के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच हुई सीधी बातचीत के जरिये रुका था।
भारत लगातार यह भी कहता आया है कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद से जुड़े मामलों में किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के लिए कोई जगह नहीं है।
अंद्राबी ने मध्यस्थता के चीन के दावे को “शांति के लिए कूटनीति” बताया।
उन्होंने कहा, “यह समृद्धि और सुरक्षा के लिए कूटनीति थी और यह उन तीन-चार दुर्भाग्यपूर्ण दिनों में उस संघर्ष को सुलझाने के लिए किए गए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल थी।”
वांग ने मंगलवार को बीजिंग में एक कार्यक्रम में कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उन ज्वलंत मुद्दों की सूची में शामिल है, जिन्हें सुलझाने के लिए चीन ने 2025 में मध्यस्थता की।
भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। जवाब में पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिससे दोनों पक्षों में संघर्ष छिड़ गया जो 10 मई को नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच बनी आम सहमति के तहत समाप्त हुआ था।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश

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