पाकिस्तान: कराची के शॉपिंग मॉल में लगी आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हुई

पाकिस्तान: कराची के शॉपिंग मॉल में लगी आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हुई

पाकिस्तान: कराची के शॉपिंग मॉल में लगी आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हुई
Modified Date: January 19, 2026 / 09:45 pm IST
Published Date: January 19, 2026 9:45 pm IST

कराची, 19 जनवरी (भाषा) पाकिस्तान के कराची शहर में एक शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग में मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 26 हो गई जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है।

उन्होंने बताया कि शनिवार देर रात गुल प्लाजा में आग लग गयी थी और इसमें थोक व खुदरा दुकानें हैं। आग पर रविवार रात तक काबू पा लिया गया था।

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‘रेस्क्यू 1122’ के प्रवक्ता हसन उल हसीब खान ने एक बयान में बताया कि इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है क्योंकि जलकर खाक हो चुके शॉपिंग प्लाजा से और शव बरामद किए गए हैं जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं।

कराची के आयुक्त हसन नकवी के अनुसार, मरने वालों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है।

सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये (करीब 32 लाख रुपये) का मुआवजा देने की घोषणा की है।

शाह ने सोमवार सुबह बताया, “इस घटना में काफी लोगों की जान गई है। मैं अभी अंतिम आंकड़ा नहीं दे सकता। हमने 15 शव बरामद किए हैं।”

उन्होंने बताया कि दोपहर एक बजे तक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, गुल प्लाजा आए लगभग 65 लोग लापता हैं और इस प्रकार, कुल मिलाकर लगभग 80 लोगों की मौत हो चुकी है।

उन्होंने कहा, “जीवन का कोई मोल नहीं होता। उनके दुख की भरपाई किसी भी तरह से नहीं की जा सकती, लेकिन हम सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के लिए एक करोड रुपये की राशि की घोषणा कर रहे हैं।”

उन्होंने बताया कि शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इमारत में दुकानें चलाने वाले व्यापारियों को लगभग तीन अरब पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हुआ है।

शाह ने बताया कि मॉल की 40 प्रतिशत इमारत ढह गई है और बाकी हिस्सा भी जर्जर हालत में है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हो सकता है हमें पूरी इमारत को गिराना पड़े।”

कराची के महापौर मुर्तजा वहाब ने बताया कि बचाव दल थर्मल कैमरों और अन्य साधनों का उपयोग कर लापता लोगों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश

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