कराची, 27 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत का एक दूरदराज इलाका सुरक्षा बलों द्वारा प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों और प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ अभियान का प्रमुख केंद्र बन गया है। सोमवार को सुरक्षा बलों ने तीन और आतंकवादियों को मार गिराया।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) द्वारा जारी आंकड़ों, सुरक्षा सूत्रों की पुष्टि और सरकारी मीडिया के अनुसार, छह जुलाई से अब तक मस्तुंग जिले में अलग-अलग अभियानों में कुल लगभग 140 चरमपंथी मारे जा चुके हैं।
सरकार द्वारा संचालित रेडियो पाकिस्तान ने सोमवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने तीन और चरमपंथियों को ढेर कर दिया।
पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शाबान’ के तहत मारे गए चरमपंथी उग्रवादी संगठनों और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से जुड़े थे।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, अभियान का दायरा बढ़ाने और उसे तेज करने का फैसला तब किया गया, जब छह जुलाई को उग्रवादियों ने जियारत जिले में एक पुलिस चौकी पर हमला कर नौ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी और 18 युवा पुलिस प्रशिक्षुओं का अपहरण कर लिया।
बाद में 18 पुलिस प्रशिक्षुओं के शव उसी क्षेत्र से बरामद किए गए।
मस्तुंग में चलाए गए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने उग्रवादी संगठनों के कई ठिकानों और हथियार भंडारों को नष्ट कर दिया। इसके अलावा कम से कम तीन संदिग्ध महिला आत्मघाती हमलावरों और उनके सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया।
जवाबी कार्रवाई में उग्रवादी संगठन भी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए हैं और गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपना रहे हैं।
रविवार को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया कि उसने खद कोचा इलाके में एक कूरियर सेवा के वाहन पर हमला कर उसके दो कर्मचारियों का अपहरण कर लिया और उनकी रिहाई के बदले 2.5 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की मांग की है।
पिछले बृहस्पतिवार को उग्रवादियों ने क्वेटा से मस्तुंग जा रहे दो जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के काफिले पर हमला किया था, जिसमें एक न्यायाधीश और उनके सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे न्यायाधीश सहित दो अन्य घायल हो गए थे।
उग्रवादियों ने खद कोचा क्षेत्र में एक प्रमुख पुल को भी विस्फोट से उड़ा दिया। उसके बाद प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया।
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे पाकिस्तान के सबसे बड़े लेकिन अविकसित प्रांत बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी विद्रोह जारी है, जो हाल के वर्षों में और तेज हो गया है।
भाषा
राखी अविनाश
अविनाश