पाकिस्तान, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और प.एशिया में तनाव रोकने के उपायों पर चर्चा की

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पाकिस्तान, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और प.एशिया में तनाव रोकने के उपायों पर चर्चा की

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 12:08 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 12:08 PM IST

इस्लामाबाद, 25 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी नेतृत्व के साथ ‘‘व्यापक बातचीत’’ की और इस दौरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को और बढ़ने से रोकने के उपायों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर चर्चा हुई।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ‘इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस’ (आईएसपीआर) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ सेना प्रमुख ने ईरान की एक दिवसीय यात्रा पूरी की। यह यात्रा अमेरिका-ईरान संघर्ष में गतिरोध खत्म करने के इस्लामाबाद के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा थी।

बयान में कहा गया है कि यह यात्रा ‘‘अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्ष में गतिरोध खत्म करने और क्षेत्र में स्थायी शांति तथा अस्थिरता के स्थायी अंत के रास्ते तलाशने के पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयासों’’ का हिस्सा थी।

सेना प्रमुख ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि मोहन रेजाई, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से मुलाकात की।

बयान में कहा गया, ‘‘व्यापक चर्चा में संघर्ष को और बढ़ने से रोकने के उपायों, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।’’

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित करीब 55 किलोमीटर चौड़ा संकरा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से अलग करता है।

यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया के कुल तेल का करीब पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता था।

बयान के अनुसार, पाकिस्तान और ईरान के नेताओं के बीच हुई चर्चा में क्षेत्रीय शांति और विवादों के बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचने के संभावित तरीकों पर भी विचार किया गया।

बयान के मुताबिक, ईरानी नेतृत्व ने संवाद, तनाव कम करने और संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में मदद करने में पाकिस्तान की ‘‘रचनात्मक भूमिका’’ की सराहना की।

पाकिस्तान शांति की कोशिशों का नेतृत्व कर रहा है और ठप पड़ी अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को फिर से शुरू कराने के अपने मध्यस्थता प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है।

अप्रैल में अमेरिका-ईरान संघर्ष समाप्त करने के लिए एक समझौते के साथ युद्धविराम की घोषणा की गई थी। हालांकि, बाद में शांति प्रक्रिया लड़खड़ा गई और इसे फिर से पटरी पर नहीं लाया जा सका।

यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए, जिससे महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित हुई और पेट्रोलियम की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।

पाकिस्तान ने ‘गारंटर’ के तौर पर जिस अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, वह पिछले महीने विफल हो गया, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के साथ अमेरिका और ईरान ने फिर से सैन्य हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तान की वार्ता बहाल करने की कोशिशों को अभी तक सफलता नहीं मिली है।

पाकिस्तान के नेतृत्व की यह यात्रा संघर्ष में गतिरोध खत्म करने, स्थायी शांति हासिल करने और क्षेत्रीय अस्थिरता समाप्त करने के रास्ते तलाशने के व्यापक कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा थी।

यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब वाशिंगटन ने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है और प्रतिबंधों का एक विस्तारित दौर शुरू किया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य तेहरान के आर्थिक स्रोतों पर प्रहार करना और दुनिया को ईरान के साथ कारोबार बंद करने की चेतावनी देना है।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा