पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत से कभी पीछे नहीं हटता, लेकिन यह ‘सार्थक’ होनी चाहिए: विदेश कार्यालय

पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत से कभी पीछे नहीं हटता, लेकिन यह ‘सार्थक’ होनी चाहिए: विदेश कार्यालय

पाकिस्तान भारत के साथ बातचीत से कभी पीछे नहीं हटता, लेकिन यह ‘सार्थक’ होनी चाहिए: विदेश कार्यालय
Modified Date: May 7, 2026 / 10:12 pm IST
Published Date: May 7, 2026 10:12 pm IST

इस्लामाबाद, सात मई (भाषा) पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह किसी भी मुद्दे पर भारत के साथ वार्ता से कभी पीछे नहीं हटा, लेकिन बातचीत ‘‘सार्थक’’ होनी चाहिए।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में पिछले साल भारत के साथ हुए चार दिवसीय संघर्ष को याद किया और कहा कि किसी भी प्रकार की आक्रामकता की स्थिति में पाकिस्तान पूरी ताकत से जवाब देगा।

अंद्राबी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने भारत के साथ किसी भी मुद्दे पर बातचीत से कभी मुंह नहीं मोड़ा है… हमने बार-बार बातचीत के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की है। हालांकि, बातचीत के लिए दोनों पक्षों का सहयोग आवश्यक है, और सार्थक बातचीत के लिए एकतरफा भाषण नहीं बल्कि वास्तविक संवाद होना चाहिए।’’

पाकिस्तान सेना ने ‘मारका-ए-हक’ का एक साल पूरे होने के मौके पर इसे देश के सैन्य इतिहास का ‘‘निर्णायक अध्याय’’ बताया। पाकिस्तानी सेना ने पिछले साल भारत के साथ चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष को ‘मारका-ए-हक’ नाम दिया था।

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत होने के बाद भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के नौ ठिकानों पर हमले किए गए थे। इन हमलों में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे।

इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था और पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई के जवाब में हमले किए थे, हालांकि उनमें से ज्यादातर को भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था।

दोनों पक्षों के सैन्य अधिकारियों के बीच ‘हॉटलाइन’ पर हुई बातचीत के बाद 10 मई को सैन्य संघर्ष को रोकने पर बनी सहमति के साथ संघर्ष विराम हुआ था।

पाकिस्तानी सेना ने ‘रावलपिंडी, 6/7 मई 2026 की मध्यरात्रि’ की तिथि वाले एक बयान में कहा कि सशस्त्र बल बदलते भू-राजनीतिक एवं क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के साथ-साथ शत्रु ताकतों की आक्रामक क्षमता बढ़ाने की कोशिशों से पूरी तरह वाकिफ हैं।

बयान में कहा गया, ‘‘सामरिक माहौल लगातार बदल रहा है लेकिन राष्ट्र की रक्षा के लिए पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का संकल्प, सतर्कता और प्रतिबद्धता अटूट है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘पाकिस्तान सशस्त्र बल भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी अहम क्षमताओं, उन्नत प्रौद्योगिकियों और पेशेवर उत्कृष्टता में निवेश करना जारी रखे हुए हैं। वे पहले से कहीं अधिक केंद्रित हैं, भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए तैयार हैं और देश पर थोपी गई किसी भी आक्रामकता का निर्णायक जवाब देने के लिए तत्पर हैं।’’

सेना ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ हर शत्रुतापूर्ण मंसूबे का उससे कहीं अधिक ताकत, सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब दिया जाएगा जो पिछले साल चार दिन के संघर्ष के दौरान शत्रु ने देखा था।

इसने कहा कि पाकिस्तान शांति प्रिय देश है और उसके सशस्त्र बल परिपक्व एवं जिम्मेदार रणनीतिक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। सेना ने कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों का हर प्रयास, तैयारी और पहल क्षेत्र में शांति बनाए रखने, स्थिरता को बढ़ावा देने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।

भारत के शस्त्र निर्माण और सैन्य आधुनिकीकरण से संबंधित एक प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान इस पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इस शस्त्र निर्माण के मद्देनजर, पाकिस्तान यह सुनिश्चित करेगा कि हमारी न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे।’’

अंद्राबी ने कहा, ‘‘हम टकराव की बात नहीं करते। हम संवाद और कूटनीति की बात करते हैं। हालांकि, अगर ठीक एक साल पहले जैसी आक्रामकता हम पर थोपी जाती है, तो पाकिस्तान जवाब देगा, और पूरी ताकत एवं उपलब्ध सभी साधनों के साथ जवाब देगा।’’

भाषा

नेत्रपाल माधव

माधव


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