पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब के रक्षा मंत्री से मुलाकात की

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पाकिस्तान के फील्ड मार्शल मुनीर ने क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब के रक्षा मंत्री से मुलाकात की

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  • Publish Date - March 7, 2026 / 03:07 PM IST,
    Updated On - March 7, 2026 / 03:07 PM IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, सात मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख (सीडीएफ) फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर सऊदी अरब पहुंचे और वहां रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात कर सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।

सऊदी अरब, ईरान के हमलों के निशाने पर आ गया है, जिससे पिछले वर्ष इस्लामाबाद और रियाद के बीच हुए पारस्परिक रक्षा समझौते की परीक्षा हो रही है। इस समझौते के तहत यदि किसी तीसरे देश द्वारा हमला होता है, तो दोनों देश एक-दूसरे की रक्षा के लिए बाध्य हैं।

यह रक्षा समझौता पहली बार ऐसे समय में परखा जा रहा है जब 26 फरवरी को अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि दोनों देशों के बीच ‘‘खुला युद्ध’’ चल रहा है। इसी दौरान अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब की ओर कथित तौर पर ड्रोन और मिसाइलें दागीं।

इस बीच यह सवाल भी उठने लगे हैं कि यदि ईरान के साथ औपचारिक युद्ध शुरू होता है, तो क्या सऊदी अरब की रक्षा के लिए पाकिस्तान खड़ा होगा।

प्रिंस खालिद बिन सलमान ने शनिवार तड़के ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उनकी फील्ड मार्शल मुनीर के साथ हुई बैठक का मुख्य उद्देश्य उन हमलों को रोकने के उपायों पर चर्चा करना था, जो उनके अनुसार ‘‘क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के हित में नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि ईरान समझदारी और विवेक को प्राथमिकता देगा और ‘‘गलत आकलन’’ से बचेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपने दोनों मित्र देशों के बीच हुए संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के ढांचे के भीतर सऊदी अरब पर ईरानी हमलों और उन्हें रोकने के उपायों पर चर्चा की। ये हमले क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के हित में नहीं हैं। हमें उम्मीद है कि ईरानी पक्ष समझदारी और तर्क को प्राथमिकता देगा और गलत आकलन से बचेगा।’’

पाकिस्तानी सेना ने भी एक बयान में कहा कि सीडीएफ मुनीर ने सऊदी अरब की यात्रा की और रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों से उत्पन्न गंभीर सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।

बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते के ढांचे के तहत हमलों को रोकने के लिए आवश्यक संयुक्त कदमों पर भी विचार किया।

इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि ‘‘बिना उकसावे की आक्रामकता क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के प्रयासों को कमजोर करती है।’’

बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने उम्मीद और इच्छा जताई कि ईरान ‘‘समझदारी और दूरदर्शिता’’ दिखाएगा और किसी भी तरह के गलत आकलन से बचेगा।

ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान से बात की थी, जबकि उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने सऊदी अरब के अपने समकक्षों से एक से अधिक बार बातचीत की।

डार ने मीडिया को बताया कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री से भी संपर्क किया था और उनसे सऊदी अरब को निशाना न बनाने का आग्रह किया था।

भाषा गोला सुरेश

सुरेश