पाकिस्तान में शीर्ष अदालत इमरान सरकार के भविष्य को लेकर फिर से शुरू करेगी सुनवाई

पाकिस्तान में शीर्ष अदालत इमरान सरकार के भविष्य को लेकर फिर से शुरू करेगी सुनवाई

पाकिस्तान में शीर्ष अदालत इमरान सरकार के भविष्य को लेकर फिर से शुरू करेगी सुनवाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: April 7, 2022 11:11 am IST

इस्लामाबाद, सात अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान का उच्चतम न्यायालय प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने और उनकी सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा संसद को भंग करने के मामले पर अहम सुनवाई बृहस्पतिवार को जारी रखेगा।

शीर्ष अदालत ने इससे पहले ‘वाजिब आदेश’ देने का वादा कर कार्यवाही को बुधवार को चौथी बार स्थगित कर दिया था। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कथित “विदेशी साजिश” के बारे में और जानकारी के लिये सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी )की बैठक के ‘मिनट्स’ (विवरण) मांगे थे और इस बात पर अपना फैसला टाल दिया कि क्या इमरान खान ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के बजाय संसद को भंग करा संविधान का उल्लंघन किया है या नहीं।

नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम खान सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव से सरकार को गिराने की तथाकथित विदेशी साजिश से जुड़े होने का हवाला देते हुए रविवार को उसे खारिज कर दिया था। कुछ मिनट बाद, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री खान की सलाह पर नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था।

सुनवाई के तीसरे दिन बुधवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी की तरफ से बाबर अवान पेश हुए जबकि राष्ट्रपति अल्वी का प्रतिनिधित्व अली जफर ने किया।

मुख्य न्यायाधीश बंदियाल ने अवान से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की हालिया बैठक के ‘मिनट्स’ के बारे में पूछा, जिसमें कथित तौर पर पीटीआई के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने के लिए कथित “विदेशी साजिश” के सबूत दिखाने वाले एक पत्र पर चर्चा की गई थी।

बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों को बार-बार याद दिलाया कि पीठ के आदेश जारी करने के लिए जल्द से जल्द अपनी दलीलें पूरी करें।

हालांकि प्रक्रिया नहीं पूरी होने पर अदालत ने मामले को स्थगित कर दिया और बृहस्पतिवार सुबह 9:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) से सुनवाई फिर से शुरू करने की घोषणा की थी।

इस बीच पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ की उपाध्यक्ष मरयम नवाज ने इमरान खान पर आरोप लगाया कि वह एनएससी की बैठक का इस्तेमाल अपनी ‘अक्षम’ सरकार को बचाने तथा चंद और दिन सत्ता में रहने के लिए के लिए कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि समिति में शामिल सुरक्षा एजेंसियां कथित खतरे पर अपना रुख साफ करें।

भाषा

नोमान संतोष

संतोष


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