सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर मोदी को दुनिया भर से मिले बधाई संदेश
सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर मोदी को दुनिया भर से मिले बधाई संदेश
मॉस्को/लंदन, 10 जून (भाषा) रूस ने बुधवार को नरेन्द्र मोदी को कार्यकाल के हिसाब से ‘सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों में सबसे वरिष्ठ’ बताया। वहीं, दुनिया के कई नेताओं ने उन्हें निर्वाचित होकर भारत के प्रधानमंत्री पद पर लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा करने के लिए बधाई दी।
यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक सहित कई नेताओं ने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट के जरिये प्रधानमंत्री को इस कीर्तिमान के लिए बधाई दी।
मोदी ने बुधवार को 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा कि रूस को उम्मीद है कि मोदी द्विपक्षीय संबंधों के विकास में योगदान देना जारी रखेंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बधाई देने के लिए जारी वीडियो संदेश में कहा, ‘‘आज, 10 जून को प्रधानमंत्री मोदी सभी भारतीय प्रधानमंत्रियों में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं। ‘डोयन’का क्या अभिप्राय है? ‘डोयन’ उस व्यक्ति को कहते हैं जो देश का प्रधानमंत्री सबसे लंबे कार्यकाल तक रहा हो।’’ उनके इस भाषण का मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने साझा किया है।
पेस्कोव ने कहा, ‘‘वह (मोदी) खुद एक आम परिवार से आते हैं और अपने करियर के दम पर वह दुनिया के सबसे बड़े देश जिसकी आबादी लगभग डेढ़ अरब है के शीर्ष नेता के पद तक पहुंचे हैं।’’
उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में ही ‘‘25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया’’।
पेस्कोव ने भारत को एक ऐसे देश के तौर पर भी बताया ‘‘जहां उच्च प्रौद्योगिकी विकसित की जा रही है’’ और जो ‘‘तेज़ी से आर्थिक विकास और तरक्की करने वाली दुनिया की प्रमुख आर्थिक ताकतों में से एक’’ बन गया है।
भारत और रूस के संबंधों का जिक्र करते हुए पेस्कोव ने कहा, ‘‘हमारे लिए सबसे अहम बात यह है कि यह वह देश है जिसके साथ हमारी साझेदारी है।’’
उन्होंने कहा,‘‘हम इस देश के साथ हर संभव क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक संबंध विकसित कर रहे हैं, उसके साथ बातचीत चल रही है, जिसमें सबसे संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं।’’
पेस्कोव ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत-रूस संबंधों के और विकास में अपना योगदान देते रहेंगे।’’
मोदी को बधाई देने वाले वैश्विक नेताओं में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जाई-म्युंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोग्बे, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और कई अफ्रीकी देशों के नेता शामिल रहे।
अमेरिका और नेपाल व मंगोलिया जैसे देशों के कई नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी।
यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष लेयेन ने मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और संगठन के देशों के साथ भारत की साझेदारी को रेखांकि किया।
उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आपके नेतृत्व में भारत न सिर्फ चांद पर पहुंचा है, बल्कि सितारों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। प्रौद्योगिकी, परिवहन, सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में हमारे सहयोग से लेकर अब तक के सबसे बड़े व्यापार समझौते तक, हमने साथ मिलकर जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए आपका धन्यवाद।’’
मेलोनी ने मोदी को बधाई देते हुए हाल में भारत और इटली के बीच शुरू हुई विशेष रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “पिछले दिनों रोम में एक बार फिर (प्रधानमंत्री मोदी से) मुलाकात करके और एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत करके खुशी हुई जो भविष्य में हमारे देशों और लोगों के लिए नए अवसर बनाने के लिए महत्वपूर्ण होगी।”
जर्मन चांसलर मर्ज ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं और अगली अंतर-सरकारी बातचीत के लिए जर्मनी में आपका स्वागत करते हैं।’’
कार्नी ने मोदी को बधाई देते हुए कहा, ‘‘जैसे-जैसे कनाडा और भारत अपनी साझेदारी को नया रूप दे रहे हैं, मैं दोनों देशों के लोगों के लिए और अधिक समृद्धि लाने की दिशा में काम जारी रखने के लिए उत्सुक हूं।’’
सुनक ने इसे एक ‘‘अहम पड़ाव’’ बताया और कहा कि यह ‘‘ब्रिटेन-भारत साझेदारी के लिए अच्छा है, जो लगातार और मजबूत होती जाएगी।’’
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू ने भारतीय प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा, ‘‘मालदीव आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और साझा हितों के आधार पर भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने के लिए आशान्वित है।’’
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा, ‘‘यह उपलब्धि भारत के विकास, समृद्धि और वैश्विक मंच पर उसकी प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाने में उनकी वर्षों की समर्पित जनसेवा और नेतृत्व का प्रमाण है।’’
इब्राहिम ने कहा कि मलेशिया भारत के साथ अपनी घनिष्ठ और लंबे समय से चली आ रही मित्रता को महत्व देता है और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने तथा लोगों के लिए नए अवसरों का विस्तार करने को लेकर उत्साहित है।
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने सोशल मीडिया पर एक लंबे संदेश में कहा कि यह उपलब्धि तीन लगातार जनादेशों के दौरान मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता द्वारा जताए गए भरोसे और विश्वास को दर्शाती है।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रूटो ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मोदी की सराहना करते हुए कहा, “साधारण पृष्ठभूमि से इस मुकाम तक पहुंचने की आपकी यात्रा समर्पण, धैर्य और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।’’ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए भारत की अर्थव्यवस्था में उनके योगदान की प्रशंसा की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘भारत के सबसे लंबे समय तक तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर नरेन्द्र मोदी को हार्दिक बधाई। वह एक सच्चे राजनेता हैं जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रतिष्ठा को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मुझे उस व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर गर्व है जिसे हमने मिलकर विकसित किया।’’
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने इस उपलब्धि को ‘‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’’ बताया, जो प्रधानमंत्री मोदी में भारतीय जनता के स्थायी विश्वास को दर्शाता है।
इससे पहले मंगलवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे तथा त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने भी प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी थी।
मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनका दूसरा कार्यकाल 30 मई 2019 को शुरू हुआ था। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनावों में एक और निर्णायक जीत के बाद मोदी ने नौ जून 2024 को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।
जवाहर लाल नेहरू 1952 के आम चुनाव के बाद पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और 27 मई 1964 तक इस पद पर बने रहे। इस प्रकार उनका कार्यकाल 4,398 दिनों का था। वह 1947 से 1952 तक अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे, क्योंकि 1952 तक चुनाव नहीं हुए थे।
इंदिरा गांधी 15 साल से ज्याद समय तक देश की प्रधानमंत्री रहीं, लेकिन उनका कार्यकाल निर्बाध नहीं था। वह लगातार तीन कार्यकाल जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक प्रधानमंत्री रहीं।
इंदिरा गांधी ने 1977 में सत्ता गंवा दी हालांकि जनवरी 1980 में उन्होंने चौथी बार सत्ता में प्रधानमंत्री के तौर पर वापसी की। 1984 में उनकी हत्या कर दी गई थी।
भाषा धीरज प्रशांत
प्रशांत

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